IND vs BAN: धोनी के इस शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी नहीं करना चाहेंगे रोहित, गांगुली और द्रविड़ का नाम भी है लिस्ट में

नई दिल्ली: बांग्लादेश के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम जब दूसरे वनडे मैच में मैदान पर उतरेगी तो उसके सामने ना सिर्फ सीरीज को बराबर करने की चुनौती होगी बल्कि कप्तान की साख भी दांव पर होगी। तीन मैचों की इस सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया को बांग्लादेश से करारी हार मिली थी। ऐसे अब दूसरा मैच भारत के लिए करो या मरो का हो गया है। इसके अलावा कप्तान रोहित शर्मा नहीं चाहेंगे कि बांग्लादेश के खिलाफ वह के एक शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी करें।

दरअसल धोनी भारत के पहले कप्तान हैं जिनकी अगुवाई में बांग्लादेश के खिलाफ टीम को दो वनडे में हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि इस लिस्ट में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ का भी नाम शामिल है। भारत को बांग्लादेश के हाथों सबसे पहली बार गांगुली के कप्तानी में साल 2004 में हार मिली थी। इसके बाद 2007 विश्व कप के दौरान जब राहुल द्रविड़ कप्तान थे उस समय भी बांग्लादेश ने भारत को पटखनी दी थी।

वहीं धोनी की कप्तानी में भारत को एक नहीं दो बार हार का मुंह का देखा पड़ा है। धोनी की कप्तानी में सबसे पहली बार टीम इंडिया को 2012 में खेले गए वनडे मैच में हार मिली थी। इसके तीन साल बाद फिर बांग्लादेश ने भारत को हराया था। इस दौरान भी कप्तान धोनी ही थे।

वहीं अब 7 साल बाद एक बार फिर से बांग्लादेश ने भारत को रोहित शर्मा की अगुवाई में वनडे में मात दी है। इस तरह रोहित भारत के चौथे कप्तान भी बने जिनकी कप्तानी में भारत ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच गंवाया है।

धोनी की बराबरी नहीं करना चाहेंगे रोहित शर्मा

तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में मिली हार के बाद अब दबाव टीम इंडिया पर आ चुका है। सीरीज में बने रहने के लिए उसे हर हाल में दूसरा मैच जीतना होगा। वहीं कप्तान रोहित शर्मा भी नहीं चाहेंगे कि वह धोनी के शर्मनाक रिकॉर्ड की बराबरी करें। बांग्लादेश के खिलाफ दो वनडे मैचों में हारने वाले भारत के कप्तान रह चुके हैं। वहीं अब रोहित के ऊपर भी यह खतरा मंडरा रहा है।

पहले वनडे में बल्लेबाजी हुई थी फ्लॉप

बांग्लादेश के खिलाफ पहले वनडे मैच में भारतीय टीम की बल्लेबाजी काफी निराशाजनक रही थी। टीम इंडिया सिर्फ 186 रन बनाकर ऑल आउट हो गई थी। इस दौरान भारत के लिए मध्यक्रम में बल्लेबाजी करते हुए केएल राहुल ने शानदार 74 रनों की पारी जरूर खेली थी। इसके बाद टीम इंडिया के गेंदबाजों ने भी कड़ी चुनौती पेश की थी लेकिन बांग्लादेश की आखिरी जोड़ी को आउट नहीं कर पाने के कारण उनकी सारी मेहनत पर पानी फिर गया।