दक्षिण के दंगल का बज गया बिगुल, कर्नाटक के सबसे ताजा सर्वे में किसकी बन रही सरकार?

बेंगलुरु: दक्षिण के दंगल का बिगुल बज गया है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के साथ ही पार्टियों ने कमर कस ली है। कर्नाटक में भले ही अभी बीजेपी की सरकार है लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव का नतीजा त्रिशंकु रहा था। 2008 में भी कर्नाटक में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था। इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस दोनों की ओर से दावों का दौर शुरू हो गया है। सीएम बसवराज बोम्मई ने कहा है कि बीजेपी फिर बहुमत से सरकार बनाएगी। उधर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार कह रहे हैं कि कांग्रेस पूरी तरह तैयार है। वहीं जेडीएस भी मैदान में दावेदारी ठोक रही है। आइए जानते हैं कर्नाटक में आए हाल के कुछ सर्वे में किस पार्टी को कितनी सीटें मिल रही हैं। इस सर्वे में कांग्रेस को बहुमतलोक पोल के ओपिनियन पोल में कांग्रेस कर्नाटक में सरकार बनाती दिख रही है। कांग्रेस को इस सर्वे में 116 से 123 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं बीजेपी को 77 से 83 और जेडीएस को 21 से 27 सीटें मिल सकती हैं। अन्य के खाते में एक से 4 सीटें जा सकती हैं। लोक पोल का दावा है कि इस सर्वे के लिए 45 हजार लोगों की राय ली गई और 45 दिन तक चुनावी विश्लेषकों के रिसर्च के बाद इसके नतीजे आए हैं। वोट प्रतिशत की बात करें तो इस सर्वे में कांग्रेस को 39 से 42 प्रतिशत वोट मिलते दिख रहे हैं। वहीं बीजेपी को 33-36 प्रतिशत और जेडीएस को 15 से 18 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। इस सर्वे में बीजेपी-कांग्रेस की कांटे की टक्करपॉपुलर पोल्स एजेंसी के ओपिनियन पोल में कर्नाटक में किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने का अनुमान है। इस सर्वे के मुताबिक 224 सदस्यों वाली विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर है। इस सर्वे के मुताबिक कर्नाटक की सत्ता पर काबिज बीजेपी को 82 से 87 सीटें मिल सकती हैं। राज्य में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 113 का है। पापुलर पोल्स के सर्वे में कांग्रेस को भी बीजेपी के बराबर 82 से 87 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। वहीं 2018 के चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाने वाली एचडी कुमारस्वामी की जेडीएस को 42 से 45 सीटें मिल सकती हैं। सेंट्रल-कोस्टल कर्नाटक में बीजेपी आगेइस सर्वे के मुताबिक सेंट्रल और कोस्टल कर्नाटक में बीजेपी सबसे आगे है। सेंट्रल कर्नाटक की 27 सीटों में से 17 से 19 सीटें बीजेपी के खाते में आ सकती हैं। कांग्रेस को यहां 7 से 9 और जेडीएस को 8-9 सीटें मिलने का अनुमान है। कोस्टल कर्नाटक में विधानसभा की 19 सीटें हैं। यहां बीजेपी को 12 से 14 जबकि कांग्रेस को 5 से 7 सीटें मिल सकती हैं। 28 सीटों वाले बेंगलुरु क्षेत्र में कड़ी टक्कर है। सर्वे के मुताबिक यहां पर कांग्रेस 14 से 16 सीटें जीत सकती है। वहीं बीजेपी को 12 से 24 सीटें मिलने का अनुमान है। जेडीएस को एक से दो सीटें मिल सकती हैं। ओल्ड मैसूर पर जेडीएस की बढ़त बरकरारमुंबई कर्नाटक इलाके की बात करें तो यहां की 44 में से 22-24 सीटें बीजेपी के हिस्से में आ सकती हैं। वहीं कांग्रेस को 16 से 18 सीटें मिल सकती हैं। जेडीएस को इस क्षेत्र में 4 से 6 सीटें मिल सकती हैं। ओल्ड मैसूर इलाका जेडीएस का गढ़ रहा है। वोक्कालिगा समुदाय का यहां वर्चस्व है। सर्वे के मुताबिक इस क्षेत्र की 66 में से जेडीएस को 25 से 30 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 21-23 और बीजेपी को 11 से 13 सीटें मिलने का अनुमान है। हैदराबाद-कर्नाटक इलाके में 40 सीटें हैं। कांग्रेस को यहां 20 से 22 सीटें मिल सकती हैं। बीजेपी को 12 से 15 और जेडीएस को 5 से 7 सीटें मिलने का अनुमान है। 2018 में क्या था चुनाव नतीजा2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी। पार्टी को 224 में से 104 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। कांग्रेस ने 80 और जेडीएस ने 37 सीटें जीती थीं। मिलीं। येदियुरप्पा की वापसी के बाद हुए इस पहले विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत से 9 सीट पीछे रह गई थी। वहीं वोट प्रतिशत देखें तो बीजेपी को 36.3, कांग्रेस को 38.1 और जेडीएस को 18.3 फीसद वोट शेयर मिला था। नतीजों के बाद येदियुरप्पा ने सरकार बनाई लेकिन बहुमत न जुटा पाने से विश्वास मत पर वोटिंग से पहले ही उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया। 14 महीने के ‘नाटक’ के बाद फिर बीजेपी की सरकार कांग्रेस और जेडीएस इसके बाद साथ आए। एचडी कुमारस्वामी सीएम बने लेकिन अंदरूनी खींचतान की वजह से यह सरकार भी 14 महीने ही चल सकी। कुमारस्वामी 23 जुलाई 2019 को विश्वास मत हार गए। इसके बाद येदियुरप्पा के नेतृत्व में बीजेपी ने फिर से सरकार बना ली। एक दर्जन बागी विधायक बीजेपी में शामिल हुए और दोबारा उपचुनाव में जीतकर आए। चुनाव से एक साल पहले बीजेपी ने सीएम बदला। 28 जुलाई 2021 को येदियुरप्पा की जगह एक और लिंगायत चेहरे बसवराज बोम्मई ने मुख्यमंत्री की शपथ ली।