बिहार में ‘उंगली’ का खेल और मास्टर जी का हो गया ‘तेल’, झोले में दबा कर रखे थे 3.39 लाख रुपये

दरभंगा: जिले के एमएल एकेडमी स्कूल पर BPSC के नवनियुक्त शिक्षकों बायोमेट्रिक मिलान के दौरान एक फर्जी शिक्षक पाया गया है। फर्जी शिक्षक देवेन्द्र कुमार महतो की पोस्टिंग मध्य विद्यालय खरारी बालक, बहेड़ी में पोस्टिंग की गई थी। लेकिन गुरुवार को उसका बायोमेट्रिक मिलान नहीं हो पा रहा था। यहां तक कि फोटो भी नहीं मिल रही थी। इस दौरान मौजूद शिक्षकों ने उससे कड़ाई से पूछताछ कि तो उसने अपना गुनाह कबूल करते हुए कहा कि उसकी जगह मधुबनी जिले के फुलपरास थाना क्षेत्र के रहने वाले रामप्रीत सिंह के पुत्र नवीन कुमार ने परीक्षा दी थी। वहीं बायोमैट्रिक सत्यापन के दौरान यह पाया गया की नवीन कुमार ही परीक्षा में बैठे थे, उनके फोटो का भी मिलान हो गया है। उंगली का खेल, मास्टर जी का हो गया ‘तेल’प्रधानाध्यापक ने भी इस बात की तस्दीक की है कि बायोमेट्रिक जांच के दौरान जिस व्यक्ति का फोटो मिलान हुआ है, वह व्यक्ति विद्यालय में कार्यरत ही नहीं था। इस जांच के क्रम फर्जी शिक्षक देवेंद्र कुमार के पास से एक बैग बरामद किया है। उसमें रखे तीन लाख 39 हजार रुपये बरामद हुए हैं। पकड़े गए दोनों शिक्षकों के खिलाफ लहेरियासराय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मौके पर पहुंची लहेरियासराय थाना की पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर थाने ले गई। जांच में खुल गया फर्जीवाड़े का भेदइस सम्बंध में लहेरियासराय थानाध्यक्ष कुमार कीर्ति ने बताया कि देवेंद्र कुमार महतो की जगह नवीन कुमार ने परीक्षा दिया था। इस कारण से उसका ना तो बायोमेट्रिक मिलान हो पाया और ना ही फोटो मिलान हुआ। पूछताछ में उसके बैग से तीन लाख 39 हजार रुपये मिले है। पूछताछ में नवीन ने स्वीकार किया कि वह देवेंद्र की जगह परीक्षा में बैठा था। देवेंद्र मध्य विद्यालय खरारी बालक, बहेड़ी में नियुक्त हुआ था। जिसका बायोमेट्रिक मिलान बुधवार को एमएल एकेडमी में हुआ और मामला सामने आया। मामले को लेकर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बहेड़ी ने लहेरियासराय थाने में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।