पाकिस्‍तानी सेना के खिलाफ बगावत के मास्‍टरमाइंड निकले इमरान खान, फांसी की सजा या होगी जेल?

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान कई मामलों में जेल में बंद हैं। अब उनकी मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में 9 मई की हिंसा हुई थी। इस दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में भी इमरान खान मास्टरमाइंड के रूप में उभरे हैं। चश्मदीदों के बयान के आधार पर इमरान की मुश्किल बढ़ सकती है। पिछले साल 9 मई को पीटीआई कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में ISI बिल्डिंग समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ की थी।रावलपिंडी में भी सेना मुख्यालय पर भीड़ का हमला हुआ था। हालांकि इमरान खान दावा करते रहे हैं कि 9 मई की हिंसा को लेकर उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना पर हमला ‘लंदन एग्रीमेंट’ का प्लान था। इमरान खान पूर्व पीएम नवाज शरीफ को सेना की ओर से एक बार फिर सत्ता में लाने को लंदन एग्रीमेंट कहते रहे हैं। 100 लोगों पर पहले ही मामले चल चुके हैं, जिसके सजा की दर 90 फीसदी है। हालांकि इन मामलों में फैसले नहीं सुनाए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद सैन्य अदालतें फैसला जारी करेंगी।कई मामलों में हो चुकी सजापाकिस्तान की अदालत ने शनिवार को इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को एक मामले में सात साल की सजा सुनाई है। इससे पहले दोनों को तोशाखाना मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। इमरान खान की मुश्किलें पाकिस्तान में 8 फरवरी को होने वाले चुनावों से पहले बढ़ रही हैं। इमरान को पहले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया। जबकि उनकी पार्टी चुनाव अभियान चलाने के लिए संघर्ष कर रही है।क्या हो सकती है फांसीइमरान खान को सेना फांसी पर भी चढ़ा सकती है। चौंकिए मत, क्योंकि पाकिस्तानी सेना इतिहास में ऐसा कर चुकी है। पाकिस्तानी सेना को चुनौती देने वाले नेता के लिए ज्यादा दिन जिंदा रहना मुश्किल होता है। पाकिस्तान में आर्मी एक्ट की धारा-59 में दोषी पाए गए व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई जा सकती है। इमरान अगर आर्मी एक्ट में दोषी पाए गए, तो उन्हें फांसी की सजा हो सकती है। पाकिस्तान के आर्मी एक्ट के क्लॉज डी की उपधारा-1 में उन लोगों पर मुकदमा चलता है जो पाकिस्तान के खिलाफ जंग छेड़ते हैं। देश के खिलाफ हथियार उठाने और सुरक्षा बलों पर हमला करना भी इसमें आता है।