मकर संक्रांति से पहले बिक रहे अवैध चाइनीज मांझे, सांसों की डोर काट देती हैं डोरियां

मुंबई: मकर संक्राति के अवसर पर लोग जमकर पंतग उड़ाते हैं। इसलिए इसकी जमकर खरीदारी होती है। लेकिन, पंतग उड़ाने में इस्तेमाल किए जाने वाले मांझे लोगों की जान के लिए खतरनाक भी साबित होता है। हाल ही में वाोकला ब्रिज पर वरली स्थित घर जाने के दौरान एक सिपाही की पतंग का मांझा गले में लिपट जाने से मौत हो गई थी। हालांकि, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को अवैध रूप से मांझा बेचते हुए अरेस्ट किया था जबकि दर्जन भर दुकानों पर छापेमारी कर उनके सामानों को जब्त किया था। इसके बावजूद मुंबई में लोग धड़ल्ले से मांझा बेच रहे हैं। मुंबई में नागपाड़ा का इमामवाड़ा इलाका पंतग का सबसे बडा बाजार है। इसके अलावा भायखला, मोहम्मद अली रोड, डोंगरी, मदनपुरा, जोगेश्वरी, कुर्ला, देवनार, चेंबूर और मानखुर्द आदि इलाके में धड़ल्ले से पतंग और मांझे बेचे जाते हैं।ब्रिजों को पार करते समय बरतें सावधानीवाकोला ब्रिज पर सिपाही समीर की मौत हो गई थी जबकि उल्हास नगर में संजय ने जान गंवा दी थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी विजय गायकवाड़ कहते हैं कि मुंबई व आसपास के जिलों में काफी ओवरब्रिज हैं। इनमें हाईवे का फ्लाईओवर और रेलवे का पुल-पुलिया शामिल हैं। यहां से गुजरते समय अतिरिक्त सावधानी लोगों को बरतनी चाहिए। क्योंकि, तेज गति में गाड़ी होने के कारण हाईवे पर ही चालकों के गंभीर जख्मी अथवा मौत की अधिकतर मामले देखने को मिलती हैं।मांझे पर प्रतिबंध, फिर भी इस्तेमालमुंबई पुलिस ने 12 जनवरी से 10 फरवरी, 2024 तक हानिकारक मांझे के उपयोग, बिक्री और भंडारण पर प्रतिबंध का आदेश जारी किया हुआ है। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत कानूनी कार्रवाई करने पड़ सकते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इस आदेश का उद्देश्य पतंगबाजी उत्सव के दौरान नायलॉन या प्लास्टिक मांझे के उपयोग से होने वाली चोटों और मृत्यु को रोकना है। पांबदी होने के बावजूद लोग प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के पशु कल्याण अधिकारी मितेश जैन कहते हैं कि मुंबई में ही मकर संक्राति वाले दो दिनों के भीतर दो हजार से अधिक पक्षी घायल हो जाते हैं।खुले इलाकों में ही उड़ाना चाहिए पतंगजानलेवा मांझा से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। मकर संक्रांति त्योहार के दौरान इन मांझे से सैकड़ों चिड़िया गंभीर रूप से घायल हो जाती हैं। कई की मौतें हो जाती हैं। यहां तक की बाइक चालक भी जख्मी हो जाते हैं। इसलिए चालकों को सेफ्टी नेकबैंड और गले में स्कार्फ, दुपट्टा अथवा मफलर जैसा परिधान पहन कर गाड़ी चलाने की सलाह एक्सपर्ट दे रहे हैं। मांझा पककड़ने के लिए भारी वस्तुओं या पत्थरों का उपयोग करने से लोगों को परहेज करना चाहिए। बिजली लाइनों से दूर खुले इलाकों में ही पतंग उड़ाना चाहिए और कभी भी बिजली के तारों या खंभों में उलझी पतंगों को हटाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि पतंगबाजी के दौरान कई लोग बिजली की लाइनों के पास पतंग उड़ाते हैं। कभी-कभी ये पतंगें इन लाइनों पर फंस जाती हैं। उन्हें हटाने की कोशिश में झटका लग सकता है या बिजली गुल हो सकती है। मितेश जैन ने गाड़ी चालकों से सुरक्षा नेकबैंड उपयोग करने की अपील की है।ऐसे बनता है जानलेवा मांझामालाड में एसवी रोड पर पंतग और मांझा बेचने वाले एक दुकानदार ने नाम नहीं बताने पर कहा कि पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मांझा प्लास्टिक और नायलॉन से बना होता है। इसे तेज धारदार बनाने के लिए इसमें कांच के छोटे-छोटे टुकड़े, धातु के टुकड़े और खास प्रकार के कई रसायन मिलाए जाते हैं। यह खतरनाक लेकिन तेज मांझा दूसरी पतंगों को आसानी से काट देता है। यहां तक कि इसमें उलझ जाने से चिड़िया तो क्या इंसानों की मौत तक हो जाती हैं। बिजली के तारों को छू जाने पर इस तार से शॉर्ट सर्किट और आग लगने की दुर्घटनाएं तक हो जाती है।खतरनाक मांझे से बचने के लिए अपनाए ये उपाय-मांझा के बारे में जानकारी व इस्तेमाल के लिए जागरूकता जरूरी-सेफ्टी नेकबैंड जैसे उपकरणों का उपयोग करें-पतंगों को गिराने के लिए पत्थरों का उपयोग नहीं करें- बिजली की तारों से दूर खुले मैदान में पतंग उड़ाएं।-बिजली के तारों या खंभों पर फंसी पतंगों को हटाएं नहीं-चाइनिज वाले मिश्रित चमकदार मांझे का प्रयोग नहीं करें-हाईवे, फ्री वे, लिंक रोड आदि पर चलते समय सावधानी बरतें-पुल-पुलियों या बड़े ब्रिजों पर ड्राइव करते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतेंकेस स्टडी:1सिपाही की मौत: दिंडोशी पुलिस स्टेशन में तैनात सिपाही समीर जाधव ड्यूटी खत्म कर बाइक से वर्ली स्थित अपने घर जा रहे थे। सांताक्रूज हाईवे पर अचानक पतंग का माझा गले में फंस जाने से वे गंभीर रूप से जख्मी होकर हाईवे पर गिर पड़े। इलाज के दौरान सायन अस्पताल में समीर की मौत हो गई।केस स्टडी: 2बाइकर की मौत:भिवंडी के बालासाहेब ठाकरे ओवर ब्रिज से उल्हासनगर के रहने वाले संजय हजारे बाइक से जा रहे थे। अचानक एक पतंग की डोरी संजय के गले आ फंसी, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वो बाइक से गिर गया। इस हादसे में उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।