क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पा रहे तो तुरंत करें ये 3 काम, बैंक से मिल जाएगी राहत

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आर्थिक स्थिति किसी की भी नाजुक हो सकती है. ऐसे में क्रेडिट कार्ड का बिल लटकना लाजिमी है. मजबूरी में लोग क्रेडिट कार्ड का बिल पेंडिंग में डाल देते हैं. लेकिन यह तरीका ठीक नहीं क्योंकि आपका क्रेडिट स्कोर या सिबिल स्कोर खराब होता है. इससे आप आगे के लिए लोन का रास्ता रोक देते हैं. कई लोग ऐसा भी करते हैं कि पूरा बिल चुका पाने की स्थिति में नहीं होते तो उसके ब्याज का पैसा ही भर देते हैं. कुछ लोग मिनिमम पेमेंट करके निकल जाते हैं. यहां तक तो कुछ ठीक है. लेकिन उनका क्या जो बिल का एक रुपया भी नहीं भरते.

अगर आप भी कभी ऐसी हालत में फंस जाएं तो एक बार बिल नहीं भरने की परेशानियों पर जरूर गौर कर लें. आपको पता चलेगा कि बिल भरने में जितनी देरी होगी, उतना ही लेट पेमेंट फी बढ़ेगी और ब्याज में भी आसमानी ऊंचाई आएगी. क्रेडिट कार्ड बिल पर सालाना 25 परसेंट तक ब्याज आता है जो आपको भारी कर्ज में धकेलने के लिए काफी है. इससे बचना है तो कुछ ऐसे टिप्स पर गौर करना होगा जो आपको बैंक से राहत दिलाए. आइए ऐसे ही 3 उपायों के बारे में जानते हैं.

पहला टिप्स मिनिमम रीपेमेंट का है. अगर क्रेडिट कार्ड का पूरा पैसा नहीं भर सकते तो कम से कम मिनिमम रीपेमेंट अमाउंट जरूर भर दें. इससे आपका क्रेडिट स्कोर गर्त में जाने से बच जाएगा. खराब क्रेडिट स्कोर आपको किसी भी बैंक से लोन लेने में अड़चन पैदा करेगा. अगर आप मिनिमम रीपेमेंट नहीं करते हैं तो लेट पेमेंट फी देनी होगी. अगर मिनिमम रीपेमेंट नहीं कर पा रहे हैं तो कम से कम अपने बैंक से एक बात जरूर करें और ड्यू डेट आगे बढ़ाने की रिक्वेस्ट करें. आप पहले समय से बिल चुकाते रहे हैं तो बैंक आपकी मांग मान भी सकता है.

दूसरा उपाय बैलेंस ट्रांसफर का है. क्रेडिट कार्ड का बहुत अधिक बकाया हो तो उसे चुकाने में कई-कई महीने लग सकते हैं. क्रेडिट कार्ड का बिल खतरनाक स्थिति में पहुंचे, उससे पहले उसे ट्रांसफर कराने का फैसला कर लें. अपने क्रेडिट कार्ड के बिल को कम ब्याज वाले पर्सनल लोन में ट्रांसफर करा सकते हैं. हालांकि इसके बाद भी आपके ऊपर कर्ज चढ़ा रहेगा, लेकिन अवधि में थोड़ी राहत मिल जाएगी. ब्याज भी कम देना होगा और बिल या क्रेडिट लोन चुकाने के लिए अधिक दिन मिल जाएंगे.

तीसरा उपाय है जब तक पुराना क्रेडिट बिल पूरा नहीं चुक जाए, तब तक नया कोई बिल अपने माथे पर सवार नहीं होने दें. दो तीन क्रेडिट कार्ड है तो इसका मतलब ये नहीं होता कि एक का बिल भरा नहीं और दूसरे पर शॉपिंग शुरू कर दी. जितनी तेजी से आप खरीदारी करते हैं, उतनी ही तेजी क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाने में भी होनी चाहिए. क्रेडिट कार्ड का सारा बिल चुका देने के बाद आपके ऊपर से कर्ज का बोझ उतर जाएगा और आप भारी ब्याज से भी मुक्ति पा जाएंगे. बाद में जो पैसा बचेगा उसे इमरजेंसी फंड के लिए जमा रख सकते हैं.