म्यूचुअल फंड में कर रहे हैं निवेश तो लार्ज कैप पर करिए फोकस, आखिर ऐसा क्यों कहने लगे विशेषज्ञ

मुंबई: नए साल की शुरुआत में शेयर बाजार (Share Market) में खूब उलट-फेर हो रहे हैं। बड़े-बड़े खिलाड़ी एक्शन में वापस आ गए हैं। साल भर ज्यादातर समय डगआउट में बिताने के बाद, एक बार फिर से मैदान में जलवे बिखेरने लगे हैं। सिर्फ वापसी ही नहीं, शानदार प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। आइए एक नजर डालते हैं कि सूचकांकों का प्रदर्शन कैसा रहा।ये हैं लीस्ट वोलेटाइल शेयरएडवाइजर खोज के को-फाउंडर द्वैपायन बोस कहते हैं, निफ्टी 50 ने बीते दिसंबर में जुलाई 2022 के बाद से अपना सबसे अच्छा महीना देखा। इस महीने एनएसई स्मॉल कैप इंडेक्स के 6.4 प्रतिशत की बढ़त की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत का रिटर्न मिला। यह साफ दर्शाता है कि स्मॉल कैप के लिए हनीमून खत्म हो गया है। लेकिन कहानी कुछ और ही है। म्यूचुअल फंड के प्रति लोगों के उन्माद को बढ़ावा देने वाला फैक्ट यह है कि ये कंपनियां बीएसई 500 कंपनियों के मुनाफे में 68% और मार्केट कैप में 63% का योगदान देती हैं, जो भारत के बाजार पूंजीकरण के एक तिहाई के करीब है। इसके अलावा, इन कंपनियों ने पिछले 25 वर्षों में 14 प्रतिशत से अधिक का चक्रवृद्धि रिटर्न दिया है और इन कंपनियों के आकार को देखते हुए, वे अन्य इक्विटी एसेट क्लास की तुलना में सबसे कम अस्थिर (least volatile) हैं।लार्ज कैप के पीछे ये कारकलार्ज कैप म्यूचुअल फंडों के मजबूत रिटर्न को बड़े पैमाने पर वैश्विक फंडों से खरीदारी, अच्छे वैल्यूएशन और घरेलू राजनीतिक स्थिरता से बढ़ावा मिला है, जिसने लार्ज कैप में खरीदारी को बढ़ावा दिया है। इनके परफॉरमेंस पर नजर डालें तो निप्पॉन इंडिया लगातार आगे रहा है, जिसने पिछले एक साल में 35% का शानदार रिटर्न दिया है। यह फंड पिछले 16 वर्षों से नंबर 1 स्थान पर है। बैंक ऑफ इंडिया, क्वांट, इनवेस्को और जेएम फाइनेंशियल के लार्ज कैप म्यूचुअल फंड ने भी इस दौरान अच्छा फायदा दिया है।यह हमेशा रिटर्न देता हैम्यूचुअल फंड के जानकारों का तर्क है कि लार्ज कैप में निवेश लगभग हमेशा अच्छा रिटर्न देता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये कंपनियां छोटी मोटी चुनौतियों का प्रबंधन करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं और चूंकि वे वर्तमान में छोटे और मिड-कैप शेयरों की तुलना में उचित मूल्यांकन प्रदान करते हैं, इसलिए इनका रिस्क-रिवार्ड बैलेंस कहीं बेहतर है। दिलचस्प बात यह है कि विश्व स्तर पर टॉप-100 कंपनियों की सूची में केवल तीन भारत से हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज 36वें, टीसीएस 65वें और एचडीएफसी बैंक 91 वें स्थान पर है। एपल, सऊदी अरामको और माइक्रोसॉफ्ट इस लिस्ट में शीर्ष तीन में हैं। इसलिए, अधिक भारतीय लार्ज कैप के मेगा कैप बनने और विशिष्ट क्लब में प्रवेश करने की संभावना है। ये फ़ैक्टर्स वास्तव में लार्ज कैप म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए एक बेहतरीन अवसर बनाते हैं – एक शानदार निवेश का अवसर।