वंदे भारत एक्सप्रेस पर 24 घंटे के भीतर दो बार पथराव, पकड़े गए तो जान लीजिए कितने दिन के लिए जाएंगे अंदर

नई दिल्ली: 24 घंटे के भीतर वंदे भारत ट्रेन पर दो बार पथराव किया जाता है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हावड़ा से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन की सौगात लोगों को दी। इस ट्रेन पर मंगलवार 24 घंटे के भीतर दो बार पथराव किया जाता है। पथराव की वजह से ट्रेन के कोच का कांच टूट गया। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं लगी। चलती ट्रेनों पर पथराव की हालांकि यह कोई पहली घटना नहीं है लेकिन ऐसा करने वालों को यह समझना होगा यह यात्रियों के बीच भय और असुरक्षा पैदा करता है। साथ ही रेलवे संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाता है। ऐसा करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। इस तरह के मामलों में यदि कोई पकड़ा जाता है तो उसको जेल जाना पड़ सकता है। यदि पत्थरबाजी से ट्रेन ड्राइवर या यात्री कोई घायल होता है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।

पथराव करने वाले सावधान, ऐसे दर्ज होगा मामला
-रेलवे अधिनियम की धारा 153 और 154 के तहत यह दंडनीय अपराध है।
-सार्वजनिक संपत्ति को जो नुकसान पहुंचाता है उसे 5 साल की कैद या जुर्माना दोनों हो सकता है।
-सार्वजनिक संपत्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से कहा गया है कि इसकी जिम्मेदारी आरोपी पर होगी।
-अदालत शुरू से मानकर चलेगी कि नुकसान आरोपी ने किया है। आरोपी को खुद को निर्दोष साबित करना होगा।
– पथराव के बाद यदि ट्रेन में किसी यात्री को नुकसान पहुंचता है तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।
– राज्य की पुलिस अलग से इस पर मामला दर्ज करेगी।
-सरकारी नौकरी में जाने की इच्छा करने वाले युवा यदि ऐसा करते हुए पकड़े गए तो उनका सपना शायद पूरा न हो सके।
-ट्रेन पर पथराव के बाद केस दर्ज होगा और कहीं किसी नौकरी में चयन हो भी गया तो पुलिस वेरिफिकेशन के वक्त यह केस सामने आएगा।

पथराव की घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं
-ब्लैक स्पॉट और समय की पहचान की जाती है जहां पथराव की घटना होती है।
-आरपीएफ ट्रेन एस्कॉर्ट स्टाफ को उनकी ड्यूटी के दौरान अधिक सतर्क रहने के लिए कहा जाता है।
-आरपीएफ स्टाफ को सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्शन/स्पॉट पर तैनात किया जाता है।
– रेलवे एक्ट के तहत असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जाता है।
-ट्रेनों के गुजरने और प्रभावित खंडों में एक संयुक्त गश्त शुरू की जाती है।
-जीआरपी/सिविल पुलिस के साथ तालमेल बिठाया जाता है।
-ट्रेनों पर पथराव के नतीजों के बारे में जागरूक किया जाता है।