…देवेंद्र फडणवीस ज्यादा बोलेंगे तो उप मुख्यमंत्री भी नहीं रहेंगे! BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ऐसा क्यों बोले?

मुंबई: महाराष्ट्र (Maharashtra) में आकर राज्य के (Devendra Fadnavis) को खुली चेतावनी दी गई है। यह चेतावनी देने वाला भी कोई और शख्स नहीं बल्कि बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी है डॉ स्वामी ने कहा कि अगर फडणवीस ज्यादा बोलेंगे तो वह उपमुख्यमंत्री भी नहीं रहेंगे। दरअसल आज सुब्रमण्यम स्वामी (Subramanian Swami) महाराष्ट्र के पंढरपुर में मौजूद को सरकार के बंधन से मुक्त कराने वाली चर्चा में शामिल होने के लिए आए थे। इसी दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पंढरपुर कॉरिडोर (Pandharpur Corridor) पर सवाल किया तब उन्होंने देवेंद्र फडणवीस पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंढरपुर कॉरिडोर को जल्दबाजी में करना ठीक नहीं है। इसके लिए कई लोगों की जमीन जाएगी। कई लोगों के घर टूटेंगे, जो सही नहीं है। यहां के लोग इस प्रोजेक्ट के खिलाफ हैं। इस बाबत लोगों ने मुझसे मुंबई में मुलाकात की थी। उन्होंने मुझसे इस मामले में हस्तक्षेप करने की विनती की थी। स्वामी ने कहा कि अगर सही मायने में यहां का विकास करना है तो पंढरपुर में मंदिर परिसर का विकास किया जाना चाहिए। यहां पर एयरपोर्ट बनाना चाहिए ताकि स्थानीय लोगों का भी फायदा हो और जो लोग भगवान के दर्शनों के लिए यहां आए उन्हें भी सहूलियत मिल सके।

दरअसल देवेंद्र फडणवीस ने यह कहा है कि पंढरपुर कॉरिडोर प्रोजेक्ट को किसी भी सूरत में पूरा किया जाएगा। चाहे इसमें कोई कितना भी अड़ंगा लगाने की कोशिश करें, इसी बात को सुब्रमण्यम स्वामी ने चुनौती दी है। स्वामी ने कहा है कि यह प्रोजेक्ट नहीं होगा। आखिर फडणवीस को इतनी जल्दी क्यों है? विकास करना है तो यहां की चंद्रभागा नदी का विकास करें, उसे शुद्व करें। कॉरिडोर के नाम पर इसको-उसको नोटिस भेजो, यह नहीं चलने वाला है।

पंढरपुर मंदिर को सरकार मुक्त करने का आग्रह
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राज में देश के कई मंदिरों का सरकारीकरण कर दिया गया है। उत्तराखंड के कई मंदिरों को सरकार के अधीन कर लिया गया है। स्वामी ने कहा कि वो अगले साल जनवरी के महीने में महाराष्ट्र के पंढरपुर मंदिर को सरकार मुक्त करने के लिए जनहित याचिका दाखिल करेंगे। उन्होंने यह मांग भी की है कि देश के पंद्रह-बीस साधुओं के हवाले इस मंदिर को किया जाना चाहिए।

हिंदूवादी नहीं हैं मोदी!
सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कहा है है कि नरेंद्र मोदी हिंदुत्ववादी नेता नहीं हैं। उन्होंने यह सवाल किया कि मोदी ने कौन सी चर्च का सरकारीकरण किया है? 1947 के बाद किस चर्च और मस्जिद का सरकारीकरण किया गया है। फिर हिंदुओं ने क्या पाप किया है? मैं अदालत में जाकर सभी मंदिरों को सरकार के बंधन से मुक्त कराऊंगा।