आडवाणी अगर अयोध्या आ गए तो… राम मंदिर के पुजारी ने BJP दिग्गज के आने पर कही बड़ी बात

अयोध्या: देश में रथयात्रा निकालकर राम मंदिर (Ram Mandir) के लिए अलख जगाने वाले (BJP) के कद्दावर नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी (Lalkrishna Advani) 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं, इसको लेकर संशय बना हुआ है। हालांकि विश्व हिंदू परिषद की तरफ से उनके आने के संकेत मिले हैं। इस बीच रामलला के मुख्य पुजारी ने भी आडवाणी के आने को लेकर महत्वपूर्ण बात कही है। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने आडवाणी को लेकर कहा, ‘हम सभी लोगों और पूरी अयोध्या नगरी के लिए यह खुशी का क्षण होगा अगर लालकृष्ण आडवाणी यहां आकर रामलला के दर्शन करें। रामजन्मभूमि को लेकर हिंदुओं में जागरूकता जगाने का पूरा श्रेय आडवाणीजी को ही जाता है।’ गौरतलब है कि लालकृष्ण आडवाणी आखिरी बार सन 2005 में अयोध्या आए थे। स्थानीय पुजारी प्राणनाथ त्रिपाठी ने भी इस मामले पर विचार रखते हुए कहा कि आडवाणी जी को इतने लंबे समय के बाद देखना अयोध्या के लिए भी सुखद होगा। उनके आने से रामनगरी के लोगों का भाग्य भी जागृत होगा। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अहम बयान दिया है। आडवाणी ने कहा कि नियति ने तय किया था कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा और उसने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चुना। उनका मानना है कि अयोध्या आंदोलन उनकी राजनीतिक यात्रा में सबसे निर्णायक और परिवर्तनकारी घटना थी, जिसने उन्हें भारत को फिर से खोजने और इस प्रक्रिया में खुद को फिर से समझने का मौका दिया। लालकृष्ण आडवाणी ने राष्ट्र धर्म पत्रिका के एक लेख में पूर्व प्रधानमंत्री को भी याद करते हुए कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले उनकी कमी खल रही है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक आडवाणी अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे।