मैंने ठुकरा दिया था सेना का ऑफर, इमरान कभी न बन पाते प्रधानमंत्री… शहबाज शरीफ का खुलासा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में इस समय राजनीतिक भूचाल देखने को मिल रहा है। एक तरफ पुलिस पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को गिरफ्तार करना चाहती है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री का एक इंटरव्यू सामने आया है। शहबाज ने इस इंटरव्यू में दावा किया कि अगर उन्होंने सेना का ऑफर मान लिया होता तो इमरान की जगह 2018 में वही प्रधानमंत्री बन जाते। पाकिस्तानी पत्रकार हामिद मीर को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि जनरल कमर जावेद बाजवा ने 2018 में उन्हें प्रधानमंत्री बनने का ऑफर दिया था पर उन्होंने इसके लिए मना कर दिया।हामिद मीर ने अपने कार्यक्रम ‘कैपिटल टॉक’ में शहबाज से सवाल किया कि क्या उन्हें जनरल बाजवा, उस समय के ISI चीफ नवीद मुख्तार और जनरल फैज हमीद ने एक मीटिंग में प्रधानमंत्री बनने का ऑफर दिया था? इस पर शहबाज शरीफ ने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘मीटिंग में मैंने कहा था कि नवाज शरीफ मेरे बड़े भाई हैं, मेरे बाप की तरह हैं, मेरे लीडर हैं। मुझे अगर किसी बात पर अपनी राय देनी हो तो मैं बंद कमरे में देता हूं। कोई अगर सोचता है कि मैं अपने भाई की पीठ में खंजर घोंप कर प्रधानमंत्री बनूंगा तो 10 बार ऐसी सत्ता कुर्बान कर दूं।’जल्द हो जाएगा IMF से समझौताहामिद मीर ने पूछा कि अगर आप इनकार न करते तो इमरान खान प्रधानमंत्री न बनते? इस पर उन्होंने कहा ‘जी, अगर मैं इनकार न करता तो वह प्रधानमंत्री न बनते। लेकिन जब मैं अपनी कब्र पर जाउंगा तो क्या ये कालिख पोत कर जाता।’ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसके अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने सत्ता के एक साल होने पर आर्थिक संकट, चुनाव, तोशाखाना रेकॉर्ड और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। शहबाज ने कहा कि आईएमएफ के साथ एक स्टाफ लेवल एग्रीमेंट अगले कुछ दिनों में हो जाएगा।पाकिस्तान पर विश्वास हुआ कमशहबाज ने कहा कि जब वह सत्ता में आए तो जानते थे कि देश की स्थिति खराब है। शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान के ऊपर दुनिया में विश्वास कम हुआ है। इसी कारण IMF ने कठिन शर्तें लगाई हैं। हमारी भी मजबूरी है, जिसके कारण जनता पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा शहबाज शरीफ ने आगे कहा कि इमरान ने चीन के साथ संबंधों को भी खराब किया, लेकिन फिर भी वह हमें मदद दे रहा है।