चाय पीने वाले को चाय, कॉफी पीने वाले को कॉफी पिलाता हूं… जब राज्यसभा में धनखड़ ने सांसदों को सिखाई राजनीति

नई दिल्ली: अडानी विवाद पर शुक्रवार को भी संसद में विपक्षी दलों का हल्लाबोल देखने को मिला। राज्ससभा की कार्यवाही शुरू होते ही टोकाटाकी से सभापति भड़क गए। टीआरएस के के. केशव राव बोलने के लिए खड़े हुए तो उनकी किसी बात को लेकर सभापति से वाद-विवाद हो गया। इस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि सदन तय करेगा कि यह कैसे चलेगा। उन्होंने सीट पर बैठने का आग्रह किया। धनखड़ ने कहा सदस्य कभी यहां से तो कभी वहां से आते हैं, फिर पूछते हैं कि मेरा संशोधन कहां है। क्या वह बुलेटिन नहीं पढ़ते हैं। इसके बाद धनखड़ ने संजय सिंह से मुखातिब होते हुए कहा कि आप जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, मैं आपको बता दूं कि यदि मुझे अपने स्तर पर कोई ऐक्शन लेना होगा, तो मैं उसे आखिरी क्षण तक टालने की कोशिश करूंगा। क्योंकि मैं आप सभी के बीच से हूं। मेरे सारे अधिकार आपके समर्थन से हैं। मैं सदन में अव्यवस्था को कतई सहन नहीं करूंगा। इसके बाद उन्होंने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि मैं बड़ी कोशिश करता हूं कि चैंबर के अंदर जिसको चाय पसंद हो उसे चाय पिलाई जाए, जिसे कॉफी पसंद हो उसे कॉफी पिलाई जाए, ब्लैक टीम पिलाई जाए। मैं इसे और भी विस्तार भी दे दूंगा। काफी पहले जब मैंने राजनीति शुरू की थी तो एक बार गुस्से में आने पर कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने एक बात कही थी कि राजनीति बड़ी प्रेम से करने की चीज है।