शिंदे की दशहरा रैली में जुटी भारी भीड़ दिखाती है ‘असली शिवसेना’ कौन है- फडणवीस

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की दशहरा रैली में जुटी भारी भीड़ दिखाती है कि असली शिवसेना का नेता कौन है. उन्होंने उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना की बुधवार को हुई रैली के लिए शिमगा शब्द का इस्तेमाल किया. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता ने कहा कि नागपुर में धम्मचक्र परिवर्तन दिवस उत्सव में व्यस्त होने के कारण उन्होंने दोनों नेताओं के भाषण बाद में यू ट्यूब के जरिये सुने. देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैं उद्धव ठाकरे के भाषण पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दूंगा. शिमगा पर कोई प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है.
शिमगा का आयोजन महाराष्ट्र में होली के त्योहार से पहले किया जाता है और इस दिन लोग अलाव जलाते हैं एवं इनमें हिस्सा लेने वाले परंपरा के तौर पर एक दूसरे को हल्के-फुल्के अंदाज में अपशब्द कहते हैं.
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ही वास्तविक
उन्होंने ने कहा कि भाषण में कुछ भी नहीं था, सिवाए शिमगा. फडणवीस ने कहा कि बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) मैदान की क्षमता शिवाजी पार्क (जहां ठाकरे ने रैली की) से दोगुनी थी और वहां पर भारी भीड़ जुटी थी, बीकेसी मैदान में तिल रखने की जगह नहीं थी. शिवसैनिकों ने साबित कर दिया कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ही वास्तविक है और मैं इसिलए उन्हें बधाई देना चाहता हूं.
नए लेखक की तलाश करें उद्धव ठाकरे
वहीं, जून महीने में शिवसेना नेतृत्व से बगावत कर और बीजेपी के साथ सरकार बनाने वाले एकनाथ शिंदे की रैली पर विपक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि वह रैली में बीजेपी का आलेख पढ़ रहे थे. इस बारे में पूछे जाने पर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जो ऐसा कह रहे हैं उन्हें नए लेखक की तलाश करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आप कितनी बार एक ही बात कहेंगे? आप अपने लेखक को थोड़ा क्रिएटिविटी डालने को बोलो या कोई नया लेखक रखो.
उद्धव ठाकरे के बयान पर विवाद
बता दें कि विजयदशमी के अवसर पर बुधवार को शिवसेना के दोनों गुटों, उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट ने दशहरा रैलियां कीं और एक दूसरे पर हमला बोला. शिवसेना के बागी सांसद श्रीकांत शिंदे ने गुरूवार को पार्टी के दूसरे गुट के प्रमुख उद्धव ठाकरे के दशहरा रैली में भाषण के दौरान उनके डेढ़ साल के बेटे का नाम लेने पर पर आपत्ति जताई. शिंदे ने पूछा कि क्या एक बच्चे को लक्षित करना उनके हिंदुत्व के अनुकूल है. श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे हैं और ठाणे जिले की कल्याण लोकसभा सीट का लोकसभा में प्रतिनिधित्व करते हैं.