रोहित, रोहित और सिर्फ रोहित… हिटमैन ने कैसे 2 सुपर ओवर से सबसे बड़ा युद्ध जीत लिया

आंसू दो ही पल निकलते हैं। एक तो तब जब अपार खुशी मिले। दिल में समाहित न हो सके। और दूसरा तब, जब दुखों का पहाड़ टूट पड़े। उसे झेला न जा सके। कुछ ऐसा ही देखने को मिला 19 नवंबर, 2023 को। यह वह दिन था जब न केवल टीम इंडिया के सूरमाओं का, बल्कि करोड़ों भारतीयों को दिल चूर-चूर हुआ। रोते हुए भारतीय टीम के सितारे अच्छे नहीं लग रहे थे। सीना तान के 10 मैच जीतने के बाद अहमदाबाद पहुंचे थे और ऑस्ट्रेलिया से वनडे वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में हार मिली। एक वह दिन था और एक 16 जनवरी तक का दिन। इस दौरान के हाथ से मुंबई इंडियंस की कमान गई तो दूसरी ओर लिमिटेड ओवरों का करियर खत्म होने वाली खबरें कई बार मीडिया में छाई रहीं, लेकिन रोहित थे कि अड़े थे। जब भी पूछा गया तो बोले- वेट एंड वॉच…। समय बलवान होता है। वह खुद ही बयान पेश करेगा।यह वेट एंड वॉच के चक्कर में हालांकि फैंस के सब्र का बांध टूट रहा था, क्योंकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट तो छोड़िए अफगानिस्तान के खिलाफ शुरुआती दोनों टी-20 में भी बल्ला खामोश रहा। हिटमैन पहले में बिना खाता खोले रन आउट हुए तो दूसरे में बोल्ड होकर पवेलियन लौट गए। दोनों ही मौकों पर टीम जीती, लेकिन एक शोर जो अपनी म्यान से बाहर आने के लिए बेसब्र हो रहा था वह यह कि रोहित का टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर होना तय है, लेकिन हिटमैन भागती किस्मत के पीछे उसेन बोल्ट की रफ्तार से रेस लगाने को कमर कस चुके थे। न केवल भागे बल्कि उसे शतक के बाद दो सुपर ओवर में भारत के लिए लगाई गई हर बाउंड्री पर अपना नाम लिखकर दबौच लिया।इस रिकॉर्ड 5वें टी-20 इंटरनेशनल शतक से रोहित की आलोचना कर रहीं जिन जुबानों पर ताला नहीं लग पाया था उन पर सुपर ओवर के सुपर शो से शर्मा जी के बेटे ने जड़ दिया। न केवल बैटिंग से साबित किया कि हिटमैन अभी भी सीना ताने खड़ा है, बल्कि बताया कि आज भी कप्तानी के दांव-पेंच में उनसे माहिर कोई नहीं है। पिटते गेंदबाजों के बीच छोटे मैदान पर अफगान पठानों के जबड़े से जीत छीनने के बाद उनके अंदर से संभवत: वह टीस भी जाती रही, जो हार्दिक पंड्या के हाथों मुंबई की कप्तानी के बाद इंटरनेशनल कप्तानी पर मंडरा रहे काले बादलों की वजह से उभरी थी।22 रन पर 4 विकेट गंवाने के बाद हिटमैन ने मैदान पर रनों की बौछार करते हुए बल्ले की धार दिखाई तो कप्तानी कौशल को लेकर हर सवालों के जवाब दे डाले। हिटमैन की यह पारी और कप्तानी में की गई चालाकियों ने बताया कि कैसे उन्होंने मुंबई इंडियंस को 5 बार आईपीएल चैंपियन बनाया और क्यों उन्हें एमएस धोनी के कैलिबर का महान कप्तान कहा जाता है। दूसरे सुपर ओवर में रवि बिश्नोई पर लगाया गया दांव सही साबित हुआ और इसके साथ ही रोहित शर्मा ने सबसे बड़ा युद्ध भी जीत लिया।जी हां, यह वह युद्ध था, जो रोहित खुद से लड़ रहे थे। वह खुद सवालों के जवाब ढूंढ रहे थे। उनके अंतर्मन में यह बात कहीं न कहीं थी कि अभी उनके लिए T20 क्रिकेट की खत्म नहीं हुई है। वह अभी भी कइयों पर अकेले भारी हैं। कप्तानी में कमाल और बिना विराट कोहली के मैदान में उतरे सुपर ओवर गेम या बड़े मैच जीत सकते हैं। इस मैच से उनका न केवल खुद का भरोसा लौटा होगा, बल्कि वह 18 साल का रोहित जाग गया होगा, जो आईपीएल में ‘वन फैमिली’ की कप्तानी के दबाव में कहीं खो सा गया था। विराट कोहली के गढ़ बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रोहित-रोहित के शोर ने बता दिया कि मैच में तो रोहित और सिर्फ रोहित ही थे।