नई सरकार में केके पाठक की कितनी चलेगी? बिहार में शिक्षकों के लिए सबसे बड़ा सवाल

पटना: बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक का तेवर अब कैसा रहेगा? ये सवाल आम आदमी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। खासकर स्कूल शिक्षकों और वो गार्जियन जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं। वो जानना चाहते हैं कि क्या पहले की तरह केके पाठक अपना काम कर पाएंगे? नवंबर 2023 में केके पाठक को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया था। आते ही उनका तत्कालीन शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर से पंगा हो गया। आखिरकार, नीतीश कुमार ने चंद्रशेखर को हटा दिया। मगर, यहां अब तो सरकार ही बदल गई। नई सरकार में केके पाठक की हैयिसयत क्या रहेगी?नई सरकार में केके पाठक की हैयिसयत क्या रहेगी, ये सबकुछ नीतीश कुमार पर निर्भर करेगा। इससे पहले महागठबंधन सरकार में नीतीश कुमार ने केके पाठक पर पूरा भरोसा जताया था। केके पाठक ने भी जमकर काम किया। ग्राउंड पर उनके कामों की जमकर तारीफ भी किया गया। वैसे, केके पाठक जहां भी रहे अपना छाप जरूर छोड़े। केके पाठक से विवाद के बाद नीतीश मंत्री तक को हटा दियानवनियुक्त शिक्षकों को जब नियुक्ति पत्र सौंपने का मौका था तो नीतीश कुमार भरे मंच से उनकी तारीफ की थी। हालांकि, सेकेंड राउंड में वो छुट्टी पर चले गए। मगर, नीतीश कुमार ने उन्हें मना लिया और फिर शिक्षा विभाग के मंत्री रहे चंद्रशेखर को चलता कर दिया। इससे मैसेज गया कि नीतीश कुमार के पास केके पाठक को हरी झंडी है।फिलहाल बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठककड़क मिजाज के केके पाठक 1990 बैच के आईएएस ऑफिसर हैं। 2005 में नीतीश जब सीएम बने तो केके पाठक बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) और बाद में बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक बनाए गए। फिर 2010 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से पहले उन्होंने शिक्षा विभाग में सचिव के रूप में भी काम किया। 2015 में जब महागठबंधन की सरकार बनी तो नीतीश कुमार ने पाठक को वापस बुलाया। फिर शराबबंदी की बहाल करने के प्रयासों के लिए भी चर्चा में रहे। 2017-18 में फिर से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केके पाठक चले गए। 2021 में फिर से प्रमोशन के साथ वापस आए। तब से नीतीश के करीबी केके पाठक बताए जाते हैं।