रंगपंचमी मेले में आईं डांसरों का HIV टेस्ट, CMO बोले- कैरेक्टर पर भरोसा नहीं कर सकते

Rangpanchami Fair in Ashoknagar: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के करीला में प्रत्येक रंगपंचमी पर मेला लगता है. हालांकि इस रंगपंचमी पर आने वाली डांसरों के लिए कमेटी ने अनोखा फरमान निकाला, जिसने न केवल मेला परिसर पर दाग लगाने का काम किया है, बल्कि यहां आई डांसरों के चरित्र पर भी सवाल खड़े किए. दरअसल, यहां डांस करने आने वाली महिलाओं का एचआईवी टेस्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की देखरेख में मेला प्रांगण में ही करवाया गया. जब इस बात की जानकारी सामाजिक संगठनों को हुई तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया. सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं का अपमान बताया.

इस मेले के महत्व के बारे में बात की जाए तो ऐसी कहावत है कि भगवान राम ने जब माता सीता का परित्याग किया था, तब माता सीता ने करीला बाल्मिकी आश्रम में रहकर समय काटा था और लव-कुश को जन्म दिया था. लव-कुश के जन्म पर स्वर्ग से अप्सराओं ने यहां आकर खुशी में नृत्य किया था. उसी परंपरा के अनुसार, यहां प्रत्येक रंगपंचमी पर मेले का आयोजन होता है.

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आयोजन में एक रात में 25 से 30 लाख श्रद्धालु माता के दरबार में मन्नत मांगने पहुंचते हैं. मन्नत पूरी होने पर राई नृत्य कराते हैं, जिसमें प्रदेश और अन्य राज्यों की नृत्यांगनाएं पहुंचती हैं. उन्हीं नृत्यांगनाओं का प्रशासन ने एचआईवी टेस्ट कराया है, जो कहीं न कहीं न केवल प्रशासन की मानसिकता पर सवाल खड़े करता नजर आ रहा है, बल्कि मंदिर की मर्यादा को भी तार-तार किया.
अब CMO बोले- मामले की जांच कराएंगे
जब इस बारे में सीएमओ नीरज छारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि नृत्यांगनाएं बाहर से आई हैं. वह अच्छे परिवार की भी हो सकती हैं, लेकिन सबके चरित्र पर भरोसा नहीं किया जा सकता. इसीलिए एचआईवी टेस्ट जरूरी है. इस मामले पर पहले तो सीएमओ नीरज छारी एक दिन पूर्व अपने फैसले पर वाहवाही लूट रहे थे, लेकिन आज जब सवाल किया गया तो पल्ला झाड़ते नजर आए. कह रहे हैं कि सभी की जांच कराई जा रही है. जो भी मेले में आ रहा है, स्वेच्छा से जांच करवा सकता है. इसे नृत्यांगनाओं से जोड़ कर क्यों देखा जरहा है?