बाढ़ पीड़ितों की मदद और सरकार की आलोचना… कौन हैं केजी अब्राहम जिनकी बिल्डिंग में जिंदा जल गए 42 भारतीय

नई दिल्ली: खाड़ी देश कुवैत की एक बिल्डिंग में आग लगने से 49 लोगों की मौत हो गई। इनमें 42 भारतीय शामिल हैं। साथ ही इस हादसे में 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। दक्षिणी कुवैत के मंगफ इलाके में मौजूद इस बिल्डिंग में करीब 150 प्रवासी कामगार रह रहे थे। इसमें भारत के अलावा पाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र और नेपाल के मजदूर थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनबीटीसी ग्रुप (NBTC Group) ने यह बिल्डिंग लीज पर ली थी। केरल के जाने-माने बिजनसमैन केजी अब्राहम इस ग्रुप में पार्टनर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। एनबीटीसी कुवैत का सबसे बड़ा कंस्ट्रक्शन ग्रुप है। इसका कारोबार मिडल ईस्ट और भारतीय उपमहाद्वीप में फैला है। ग्रुप के चेयरमैन मोहम्मद एन अल-बदाह ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा है कि कंपनी शोक संतप्त परिवारों और घायलों के लिए हरसंभव सहायता दे रही है।69 साल के अब्राहम का संबंध केरल के तिरुवल्ला से है और वह तीन दशक से कुवैत में रह रहे हैं। 2018 और 2019 में केरल में आई बाढ़ के दौरान उन्होंने लोगों की बढ़चढ़कर मदद की थी। दोस्तों के बीच केजीए के नाम से मशहूर अब्राहम केजीए ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन भी हैं। यह ग्रुप ऑयल और उससे जुड़ी इंडस्ट्रीज से जुड़ा है। इसका बिजनस मिडल ईस्ट और भारतीय उपमहाद्वीप में फैला है। ग्रुप का फोकस इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, मार्केटिंग और एजुकेशन सेक्टर पर है। अब्राहम के पास कोच्चि के फाइव स्टार होटल क्राउन प्लाजा का भी मालिकाना हक है। साथ ही कई बड़े प्रोजेक्ट में उनका निवेश है। उन्होंने ब्लॉकबस्टर फिल्म Aadujeevitham को भी फंड किया था।सरकार की आलोचनाअब्राहम पिछले साल उस समय विवादों में घिर गए थे जब उन्होंने राज्य की पिरयानी विजयन सरकार की आलोचना की थी। तब इस तरह की रिपोर्ट्स आई थी कि मुख्यमंत्री के रिलीफ फंड का दुरुपयोग किया गया था। अब्राहम एनबीटीसी ग्रुप में पार्टनर और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनबीटीसी सुपरमार्केट भी चलाती है। इस सुपरमार्केट में काम करने वाले लोग भी हादसे के समय बिल्डिंग में मौजूद थे। एनबीटीसी का गठन 1977 में हुआ था। कंपनी इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, टेक्निकल सर्विस, हेवी इक्विपमेंट लीजिंग, लॉजिस्टिक्स, होटल्स और रिटेलिंग बिजनस में है। इसमें करीब 14000 लोग काम करते हैं।