हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से 50 से ज्यादा लोगों की मौत, सीएम ने संभाली कमान

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर ढाया है। बीते 24 घंटे में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुए हादसों में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं, जिन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घटना पर दुख जताते हुए आशंका जताई है कि बारिश से हादसों में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि हमने स्वतंत्रता दिवस पर कोई भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने का फैसला लिया है। राजधानी शिमला में भूस्खलन की दो घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। यहां भगवान शिव का एक मंदिर का भी ढह गया। यहां नौ लोगों के लापता होने की खबर है और उनकी तलाश जारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने भूस्खलन प्रभावित सुमेर हिल क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया, जहां मंदिर ढह गया है और अधिकारियों को बचाव अभियान तेज करने का निर्देश दिया।#WATCH | Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says “Over 50 people have lost their lives in the state in last 24 hours. Over 20 people are still trapped, the death toll can also increase. Search and rescue operation is underway. We have taken the decision not to organise… pic.twitter.com/bTeaotLcLv— ANI (@ANI) August 14, 2023

मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि श्रावण के पवित्र महीने के कारण आपदा के समय शिव मंदिर में भीड़ थी। उन्होंने कहा कि भारी भूस्खलन के कारण कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। लोगों की तलाश के लिए मलबा हटाने का काम जारी है। सुक्खू ने कहा कि पूरा राज्य गंभीर स्थिति से जूझ रहा है क्योंकि कई हिस्सों में बादल फटने और भूस्खलन से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं और प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार आपदा की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है। सभी प्रभावित परिवारों को सरकार द्वारा हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी।” सुक्खू ने कहा कि राज्य सात जुलाई से लगातार बारिश के कारण हुई तबाही से जूझ रहा है। हाल में हुई बारिश एक बार फिर बड़ी चुनौतियाँ लेकर आई है क्योंकि जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि राज्य के विभिन्न हिस्सों में अभी भी कई लोग मलबे में फंसे हुए हैं।#WATCH | Solan, Himachal Pradesh: Restoration work underway by administration near Chakki Mod after a landslide occurred near Shimla-Kalka highway (Parwanoo). pic.twitter.com/lBkyv64c5G— ANI (@ANI) August 14, 2023

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने की पूरी कोशिश कर रही है। वह स्वहयं सभी जिलों के उपायुक्तों के संपर्क में हैं और जमीनी स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में लगातार अपडेट ले रहे हैं। सीएम सुक्खू ने कहा कि सभी जिला प्रशासकों और संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि राज्य में नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। उन्होंने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी।सुमेर हिल में राहत और बचाव कार्य का जायजा लेने के बाद सुक्खू फागली पहुंचे जहां भूस्खलन के कारण पांच लोगों की जान चली गई, जबकि पांच अन्य को बचा लिया गया। सोलन जिले के कंडाघाट क्षेत्र में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद 10 लोग जिंदा दफन हो गए। यह आपदा राज्य की राजधानी से करीब 45 किलोमीटर दूर धवला उप-तहसील के जादोन गांव में सोमवार देर रात करीब 1.30 बजे घटी।#WATCH | Himachal Pradesh: NDRF official, Nafees Khan says, “…Around 30-40 people are believed to be stuck here. Our 14 NDRF team has reached here…A lot of debris is present here…SDRF is also here…” https://t.co/11GEYgB2vE pic.twitter.com/1JXTcV724d— ANI (@ANI) August 14, 2023

बारिश के कहर ने राज्य के बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचाया है और पहाड़ी राज्य में कई लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। मंडी जिले में बारिश जनित आपदा से 14 लोगों की मौत हो गई। वहां चार लोग लापता हैं। मझवार गांव में दो घर और एक गौशाला क्षतिग्रस्त हो गए, जहां दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि संकट की इस घड़ी में लोगों को समस्याएं कम से कम हों।उन्होंैने कहा, “स्वतंत्रता दिवस परेड को छोटा कर दिया गया है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अधिकतम संख्या में बचाव बल युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में लगे रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि नालागढ़ से एनडीआरएफ की एक टुकड़ी शिमला पहुंच गई है। सुक्खू ने कहा कि राज्य में लगभग 1,200 सड़कें प्रभावित हुई हैं और उन्हें जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार शाम तक 600 सड़कें और मंगलवार तक 300 और सड़कें खोल दी जाएंगी।सोलन, शिमला, मंडी और हमीरपुर जिले बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। चंडीगढ़-मनाली राजमार्ग पर मंडी और कुल्लू के बीच शुक्रवार से यातायात बंद है, जबकि सोमवार को भूस्खलन के कारण मंडी और कुल्लू के बीच वैकल्पिक मार्ग भी अवरुद्ध हो गए। मनाली और कुल्लू के बीच ब्यास नदी का प्रवाह काफी तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की पूरी मदद करने का निर्देश दिया और कहा कि सड़कों और इमारतों के लिए खतरा पैदा करने वाले पेड़ों की तुरंत पहचान की जाए और मंगलवार सुबह तक उन्हें रिपोर्ट सौंपी जाए। उन्होंने प्रभावित पेयजल योजनाओं को शीघ्र बहाल कर लोगों को पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये।