कूनो से फिर आई दिल तोड़ने वाली खबर, अब मादा चीता ने तोड़ा दम, अब तक 9 की मौत

श्योपुर: केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट चीता को एक और झटका लगा है। नेशनल पार्क में एक मादा चीते की मौत हो गई है। 26 मार्च से अब तक 3 शावकों सहित 9 चीतों की मौत हो चुकी है। इन चीतों को दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क में लाया गया था। चीतों की मौत के चलते पर्यावरण मंत्रालय और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर चिंता जाहिर की थी। अधिकारी ने की पुष्टिमादा चीता की मौत की पुष्टि कूनो के एक अधिकारी ने की है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा था कि आपसी राजनीति से ऊपर उठकर चीतों को राजस्थान में शिफ्ट करने पर सोचना चाहिए। राजस्थान में विपक्षी दल कांग्रेस की सरकार है, सिर्फ ये सोचकर आप इसको नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। आप वहां कोई अच्छी जगह क्यों नहीं ढूंढते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने जताई थी चिंतादेश की सर्वोच्च अदालत ने तब कहा था कि नामीबिया और अफ्रीका से लाए गए लगभग 40 प्रतिशत चीते अब तक दम तोड़ चुके हैं। इन्हें भारत में आए अब तक पूरा एक साल नहीं हुआ, इस तरह चीतों की मौत चिंता की बात है। यहां से शुरु हुआ मौत का सिलसिलाचीतों की मौत का ये सिलसिला 26 मार्च से शुरू हुआ था, जब 4 साल की मादा चीता साशा की मौत हुई थी। उस समय मौत का कारण किडनी इंफेक्शन बताया गया था। हालांकि जांच में सामने आया था कि साशा को किडनी की बीमारी नामीबिया से थी। इसके बाद 2 अप्रैल को दूसरे चीते की मौत हुई। उसकी मौत की वजह दिल का दौरा बताया गया। चीतों की मौत का सिलसिला तब से रुकने का नाम नहीं ले रहा है।