वो आज यहां होते… मुसीबत के वक्त स्वाति मालीवाल को क्यों याद आए सिसोदिया?

नई दिल्ली: स्वाति मालीवाल अपने साथ हुई कथित बदसलूकी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद भी स्वाति मालीवाल बख्शने के मूड में नहीं हैं। आज उन्होंने एक निजी चैनल की फोटो शेयर कर एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा है। स्वाति ने मुसीबत के वक्त जेल में बंद पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को याद किया है। मालीवाल ने कहा कि वो यहां होते तो शायद मेरे साथ इतना बुरा नहीं होता।

मालीवाल के एक्स पोस्ट से लग रहा है कि उन्हें विश्वास है कि सिसोदिया उनके साथ इस मुश्किल वक्त में साथ देते। स्वाति मालीवाल को याद आए मनीष सिसोदियाआप सांसद ने रविवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि किसी दौर में हम सब निर्भया को इंसाफ़ दिलाने के लिए सड़क पर निकलते थे, आज 12 साल बाद सड़क पर निकले हैं ऐसे आरोपी को बचाने के लिए जिसने CCTV फुटेज गायब किए और फोन फॉर्मेट कर दिया। उन्होंने कहा कि काश इतना जोर मनीष सिसोदिया जी के लिए लगाया होता। वो यहां होते तो शायद मेरे साथ इतना बुरा नहीं होता।

आज से 12 साल पहले 2012 में एक लड़की के साथ बस में हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई थीं। इस वीभत्स घटना पर केजरीवाल और उनके कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया था। तब की यूपीए सरकार से न्याय दिलाने की मांग की थी। इन सबने एक कानून की मांग की थी। इस कानून के तहत कोई भी लड़की अगर इल्जाम लगाती है तो उसे प्रथम दृष्ट्या सच मानते हुए आरोपी को अपने आपको बेहुनाह साबित करने को कहा जाता था। बाद में यह कानून भी बना। तब सीएम केजरीवाल के साथ स्वाति मालीवाल, केजरीवाल, मनीष सिसोदिया जैसे नेताओं ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किया था।

स्वाति मालीवाल शनिवार को उन्होंने ट्वीट करते हुए सीधे विभव कुमार पर हमला बोला। स्वाति मालीवाल ने लिखा कि पहले मुझे बेरहमी से विभव ने पीटा। थप्पड़ और लातें मारी। जब मैंने खुद को छुड़ा के 112 कॉल करी, तो बाहर जाके सिक्योरिटी बुलायी और वीडियो बनाने लगा। मैं सिक्योरिटी को चीख चीख के बता रही थी की मुझे बहुत बेरहमी से विभव ने पीटा है। वो पूरा लंबा हिस्सा वीडियो का एडिट कर दिया गया। सिर्फ 50 सेकंड रिलीज किए गये जब मैं सिक्योरिटी वालों को समझा समझा के खीज चुकी थी। अब फोन फॉर्मेट करके पूरी वीडियो डिलीट कर दी ? CCTV की फुटेज भी गायब, साजिश की भी हद है।

केजरीवाल के पीए विभव कुमार को लेकर शनिवार को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने बिभव कुमार की हिरासत पर बहस की। उन्होंने कहा कि हमने डीवीआर मांगा, जो पेन ड्राइव में दिया गया था, फुटेज खाली पाया गया। पुलिस को एक आईफोन दिया गया है, लेकिन अब आरोपी पासवर्ड साझा नहीं कर रहा है। फोन को फॉर्मेट किया गया है। अभियुक्त गिरफ्तारी के वक्त घटना स्थल पर मौजूद था।

विभव कुमार के वकील राजीव मोहन ने कहा कि किसी भी चिकित्सा दस्तावेज का कोई उल्लेख नहीं है, यहां तक कि रिकॉर्ड पर एक एमएलसी भी नहीं है,ड्राइंग रूम में कोई सीसीटीवी नहीं है। सीसीटीवी डेटा केवल मेन गेट से आवासीय क्षेत्र तक ही हो सकता है। क्या विभव अपने फोन का पासवर्ड देने के लिए मजबूर किया जा सकता है? अभियुक्त को पासवर्ड देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता । तीस हजारी कोर्ट ने विभव को 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।