वो सूटबूट पहने रहे और… महाराष्ट्र में सियासी उठापटक पर गडकरी की बेबाकी के कायल हो जाएंगे आप

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री कमाल हैं। अक्सर लोग बयानबाजी में माहिर होते हैं, उनकी पहचान काम से है। लेकिन हैरत की बात देखिए- गडकरी के लिए लिखना पड़ रहा है कि वो सिर्फ काम में नहीं, बयान में भी कमाल हैं। नितिन गडकरी को भारत के हाईवेमैन के रूप में तो जाना जाता ही है, वो बेधड़क, बेलगाम, बेहिचक वो सारी बातें सार्वजनिक मंच से कहने वाले भी हैं जिनके बारे में लोग खुलकर बोलने से हिचकते हैं या कहें परहेज करते हैं। गडकरी ने अपनी इस बेलाग बातचीत से भी लोगों को अपना कायल बना लिया है। भला उनकी बातों से कोई कायल हो भी क्यों नहीं! महाराष्ट्र में हालिया राजनीतिक उठापटक के केंद्र में उन्हीं की पार्टी बीजेपी है, फिर भी वो बड़े चाव से इसकी चर्चा कर रहे हैं। गडकरी का नागपुर में दिया गया यह भाषण काफी रोचक है।गडकरी की बेबाक बातेंगडकरी ने मराठी में बोलते हुए कहा, ‘अपने देश के लोग दुख के महासागर में डुबे हैं। विधायक नहीं बनने से नगरसेवक दुखी हैं, मंत्री नहीं बनने से विधायक दुखी हैं, अच्छा विभाग नहीं मिलने से मंत्री दुखी हैं। जो मिला है उसी में संतोष मान लेना बेहतर है। मंत्री बनने के इच्छुक अब अवसर खो जाने से दुखी हैं।’ केंद्रीय मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने उन नेताओं पर जोरदार कटाक्ष भी किया जो महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनने को इच्छुक हैं। हालांकि, एनसीपी में टूट के बाद अजित पवार गुट के प्रदेश सरकार में शामिल होने से उनके सपने पर पानी फिर गया। गडकरी बोले, ‘सब इच्छुक पहले सूटबूट बनवाकर तैयार थे। अपना नंबर लगने का इंतजार कर रहे थे। अब वो सूट वैसे ही रह गया है। उनकी समस्या है कि सूट का क्या किया जाए।’ गडकरी बोले, ‘सूटबूट पहने रह गए, दूसरे आकर मंत्री बन गए।’किसकी तरफ इशारा?गडकरी ने कहा कि मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या की सीमा तय है। उससे ज्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते। इसलिए जिनकी मुराद पूरी नहीं होती, वो असंतुष्ट रहते हैं। उन्होंने कहा, ‘किसी हॉल में तो क्षमता से ज्यादा लोग आ सकते हैं, लेकिन मंत्रिमंडल में ऐसा नहीं हो सकता। वहां तय संख्या से ज्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते।’ गडकरी की बेबाकी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो उस सरकार में शामिल गठबंधन दलों के नेताओं पर चुटकी ले ली जिसमें उनकी पार्टी भी शामिल है।