घर की मुफलिसी मिटाने के सपने ले वह आया था दिल्ली, आधी रात ‘छोटू कातिलों’ ने उसे मार डाला

नई दिल्ली: नौकरी और अपने सपनों को पूरा करने की चाह में लाखों युवा देश के अलग-अलग हिस्सों से दिल्ली आते हैं। लेकिन एक युवक के साथ कुछ ऐसा हुआ, जो किसी को भी हैरान कर देगा। यूपी के आगरा से नौकरी का सपना संजोकर 25 साल के विवेक राजधानी दिल्ली आए थे। पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर अपनी बीमार मां के इलाज और परिवार की आर्थिक मदद करना चाहते थे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। विवेक के दिल्ली पहुंचने के कुछ ही घंटों में तीन नाबालिग बदमाशों ने उन्हें अपना शिकार बना लिया और उनके साथ लूटपाट के इरादे से उनपर हमला किया, इस हमले में उनकी मौत हो गई।ट्रेन लेट हुई, तो देर रात अकेले जा रहे थे रिश्तेदार के घरजानकारी के अनुसार, ये घटना 1 फरवरी की है। विवेक के भाई विनय जो यूपी की एक जेल में टेक्निकल ऑफिसर हैं, उन्होंने बताया कि विवेक को 1 फरवरी को शाम 3 बजे तक दिल्ली के निहाल विहार पहुंचना था। यहां उनके एक रिश्तेदार रहते हैं। लेकिन ट्रेन लेट होने की वजह से वो रात 12 बजे स्टेशन पहुंचे। ऑटो से उतरकर वो अकेले रात को रिश्तेदार के घर जा रहे थे, तभी तीन नाबालिग बदमाशों ने उनपर हमला कर दिया। उन्होंने विवेक को लूट लिया और फिर उनकी हत्या कर दी। मृतक के भाई ने बताया कि उनके शरीर पर 20 से ज्यादा गंभीर जख्म थे।आखिरी कॉल पर क्या बोले थे विवेक?विनय ने आगे बताया कि दिल्ली पहुंचने पर विवेक ने रात करीब 1.22 बजे हमारे रिश्तेदार को फोन किया था। उन्होंने बताया था कि फोन की बैटरी कम है, वो 10-15 मिनट में रिश्तेदार के घर पहुंचने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उनपर बदमाशों ने हमला कर दिया गया। जब काफी रात तक विवेक रिश्तेदार नहीं पहुंचे, तो परिवार वालों को चिंता हुई और वो उनकी तलाश में निकले। घर से थोड़ी दूरी पर भीड़ जुटी हुई थी, जब रिश्तेदार वहां पहुंचे तो उन्हें विवेक का शव मिला और पुलिस से पूछताछ करने पर हत्या का खुलासा हुआ। इसके बाद रिश्तेदार ने विवेक के परिवार को घटना के बारे में बताया और वो लोग भी दिल्ली पहुंच गए।नौकरी की तलाश में आए थे दिल्लीमृतक के परिवार के मुताबिक, विवेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और दोस्तों के साथ वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर चैनल चलाता था। विवेक पहले गुजरात की फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन तबियत खराब होने के बाद डेढ़ महीने पहले गांव वापस आ गया था। बीमारी और हादसे की वजह से उसकी नौकरी चली गई थी और वो नया काम ढूंढ रहा था।परिवार की आर्थिक मदद करने के लिए खोज रहे थे नौकरीविवेक की 31 जनवरी को आखिरी बार भाई से बात हुई थी, दोनों में नौकरी को लेकर बात हुई थी। भाई ने बताया, ‘परिवार की आर्थिक परेशानी कम करने और मां का इलाज कराने के लिए छोटा भाई दिल्ली आया था। वो घर का खर्च उठाना चाहता था।’ उन्होंने बताया कि विवेक अपने चैनल के लिए शॉर्ट फिल्मों और गानों में भी काम करता था, जिससे होने वाली कमाई से परिवार की मदद करता था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच अधिकारी जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड से एक आरोपी को वयस्क मानकर ट्रायल चलाने की मांग कर सकते हैं।