HD Deve Gowda का ऐलान, अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेगी JDS, Kumaraswamy ने किया था यह दावा

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने मंगलवार को कहा कि जनता दल (सेक्युलर) लोकसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेगी। नवीनतम निर्णय कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के इस कथन के बाद आया है कि उनकी पार्टी, जद(एस) और भाजपा विपक्ष के रूप में सहयोग करेंगे। देवेगौड़ा ने कहा, “जेडी(एस) कार्यकर्ताओं से परामर्श के बाद लोकसभा चुनाव में केवल उन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारेगी जहां पार्टी मजबूत है।” उन्होंने अपने बयान में कहा कि चाहे हम (पार्टी) पांच, छह, तीन, दो या एक सीट जीतें, हम लोकसभा चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ेंगे। हम अपने कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श के बाद उन्हीं जगहों पर उम्मीदवार उतारेंगे जहां हम मजबूत हैं। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को जीबीपीएल 2023 में खेलने की स्वीकृति दीकुमारस्वामी ने क्या कहाअपने बयान में कुमारस्वामी ने कहा था कि मैं विधानसभा में और उसके बाहर पहले ही कह चुका हूं कि चूंकि भाजपा और जद (एस) विपक्षी दल हैं, इसलिए राज्य के हित में मिलकर काम करने का फैसला किया गया है। आज सुबह भी हमारी पार्टी के विधायकों ने चर्चा की कि आगे कैसे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि जद (एस) प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने उन्हें पार्टी के बारे में अंतिम निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया है। हालांकि, उन्होंने चुनावी गठबंधन को लेकर कुछ बोलने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि संसदीय चुनाव के बारे में चर्चा करने के लिए अभी समय है।  इसे भी पढ़ें: उनकी ‘मास्टर रणनीति’ से हूं वाकिफ, कुमारस्वामी की सिंगापुर यात्रा को लेकर बोले कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमारएनडीए से नहीं गया था बुलावाहाल में ही 2024 चुनाव को लेकर एनडीए गठबंधन की बड़ी बैठक हुई थी। हालांकि इस बैठक के लिए कुमारास्वामी को निमंत्रण नहीं दिया था। लेकिन पिछले कई दिनों से इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कर्नाटक में भाजपा और जेडीएस एक साथ आ सकते हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा भी इस बात को लेकर ऐलान कर दिया था। हालांकि एनडीए के बैठक में कुमारास्वामी के शामिल नहीं होने के बाद से चर्चाओं का एक अलग दौर शुरू हो गया है। कुमारास्वामी को विपक्षी एकता से भी बुलावा नहीं गया था। मई में कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने 135 सीट पर जीत हासिल की थी जबकि भाजपा और जद (एस) के खाते में क्रमश: 66 एवं 19 सीट आई थीं।