‘मायावती को प्रधानमंत्री बनाने का देखा था सपना’, अखिलेश के बयान से यूपी की सियासत में सरगर्मी तेज

जितेंद्र कुमार मौर्य, बाराबंकी: लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर मायावती के एकला चलो के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मायावती के फैसले के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बयान सामने आया है। अखिलेश यादव बीएसपी सुप्रीमो का नाम लिए बिना उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की बात को एक बार फिर दोहराया है। अखिलेश का बयान उस समय सामने आया है, जब मायावती ने समाजवादी पार्टी पर अपने जन्मदिन पर ही करारा हमला बोला है।मायावती को प्रधानमंत्री बनाने का देखा था सपना– अखिलेश यादवबसपा सुप्रीमो मायावती पर नरमी दिखाते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए कहा एक समय पर सपा ने प्रधानमंत्री बनाने के लिए संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री उस वर्ग से हो जिन्होंने समाज की तमाम बुराइयों का हजारों साल सामना किया है, बसपा सुप्रीमो मायावती खुद को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाला कहे जाने पर कहा कि हमने बसपा को सम्मान देने का काम किया। ऐसे में मायावती की ओर से इस तरह का बयान का मतलब है कि शायद उनपर किसी तरह का दबाव है। उन्होंने कहा कि बीजेपी श्रीराम पर अपना कब्जा जमाना चाहती है। इस चुनाव में हमारे लिये पीडीए ही भगवान हैं। उन्होंन बृजेश पाठक से सवाल किया कि क्या वह अपने नाम के आगे यादव लगा लेंगे। वहीं अयोध्या में कांग्रेस के झंड़े फाड़ने पर अखिलेश ने कहा कि उन लोगों ने ऐसा काम किया होगा, जो वहां के लोगों को पसंद न आया हो। उनके व्यवहार से किसी को कुछ तकलीफ हुई होगी।पीडीए हमारे लिए है ‘भगवान’– अखिलेश यादववहीं भगवान रामलला की अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा भगवान श्रीराम को कब्जे में करना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा भगवान को नहीं ला रही। बल्कि उनकी कृपा से ही वह इस समय थोड़ा कामयाब हो रही है। लेकिन जनता को सब पता है कि बीजेपी ऐसा क्यों कर रही है। इस बार भगवान जनता के साथ है। हम लोग रोजाना पूजा-पाठ करने वाले लोग हैं। इस चुनाव में हमारे लिये पीडीए ही भगवान है। पीडीए हमारे साथ है, तो हमें किसी का डर नही। इस बार पीडीए ही बीजेपी यूपी से हटाएगी।समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंगलवार को बाराबंकी पहुंचे। जहां शहर क्षेत्र में पहुंचने पल्हरी बाईपास के निकट नगरपालिका चेयरमैन शीला सिंह वर्मा, सुरेंद्र वर्मा, ताज बाबा राइन समेत सैकड़ों की संख्या में स्वागत किया। जिसके बाद रामनगर विधान सभा क्षेत्र के बदोसराएं कस्बा स्थित पूर्व विधायक अशर्फी लाल यादव की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा में शिरकत किया।आयोजित कार्यक्रम में एक चुनावी जनसभा का भी आयोजन हुआ। मंच से अपने संबोधन में अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के बनाए सभी इंस्टीट्यूशन और संस्थानों को बेच दिया है। यूपी में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह कार्यक्रम में 22 जनवरी को अयोध्या जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह अपना पत्र लिखकर भेज चुके हैं। उसमें सब कुछ लिखा हुआ है। वहीं डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के दिए बयान ‘जो राम और कृष्ण का नहीं हुआ, वह यदुवंशी समाज का कैसे हो सकता है’। इस बयान पर अखिलेश यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि क्या वह अपने नाम के साथ यादव लिखने लगेंगे। किसी की जाति नहीं बदली जा सकती है। सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि बीजेपी ने सांडो की नई भर्ती की है, जो आजकल ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रही है। अयोध्या में सांडो को हटाने के लिये एक विशेष टीम ही लगा दी गई है।अखिलेश यादव ने कहा कि जनता इस सरकार से दुखी है। महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और सीमा सुरक्षा समेत हर मोर्चे पर सरकार विफल है। उन्होंने कहा कि क्या, हमारी सरकार दूसरे देश में जाकर हत्या करवाएगी! कनाडा के प्रधानमंत्री ने भारत सरकार पर आरोप लगाया है। अमेरिका ने उस शख्स को पकड़ा है, जो डबल एजेंट था। ऐसे में विश्वगुरू का सपना दिखाने वाले लोग किन मामलों में फंस रहे हैं।