UP के रहने वाले केरल का सिस्टम क्या जानें… मंत्री के बयान पर गवर्नर आरिफ मोहम्मद ने खूब सुनाया

कोच्चि: केरल सरकार और राज्यपाल एक बार फिर आमने-सामने हैं। शनिवार को एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि केरल तेजी से ‘ड्रग्स की राजधानी’ के रूप में पंजाब की जगह लेता जा रहा है। इस मौके पर आरिफ मोहम्मद खान ने वित्तमंत्री बालागोपाल पर भी हमला बोला। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि वित्तमंत्री कह रहे हैं कि यूपी से आए व्यक्ति को केरल के एजुकेशन सिस्टम की क्या समझ है? उन्होंने वित्तमंत्री को सलाह देते हुए कहा कि वह ऐसा कमेंट सुप्रीम कोर्ट के जज के लिए न करें।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वित्तमंत्री केएन बालागोपाल पर निशाना साधा। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, ‘वित्तमंत्री जिसके राजस्व का मुख्य स्रोत अल्कोहल और लॉटरी है वह पूछ रहा है कि यूपी के आए गवर्नर को केरल के एजुकेशन सिस्टम की क्या समझ है.. लेकिन मैं उन्हें सलाह देना चाहूंगा कि इस तरह के कमेंट सुप्रीम कोर्ट के जज को लेकर न करें।’

‘लॉटरी और शराब से हो रहा केरल का विकास’ आरिफ खान ने कहा, ‘यहां, हमने तय कर लिया है कि लॉटरी और शराब हमारे विकास के लिए पर्याप्त हैं। 100 फीसदी साक्षरता वाले राज्य के लिए कितनी शर्मिंदगी की बात है। राज्य का प्रमुख होने के नाते मुझे शर्मिंदगी महसूस होती है कि मेरे राज्य में राजस्व के दो मुख्य साधन लॉटरी और शराब हैं। लॉटरी क्या है? यहां बैठे आप लोगों में से कभी किसी ने लॉटरी टिकट खरीदी है। सिर्फ बेहद गरीब लोग लॉटरी टिकट खरीदते हैं। आप उन्हें लूट रहे हैं। आप हमारे लोगों को शराब का आदी बना रहे हैं।’

‘केरल में शराब की बिक्री को बढ़ावा’कोच्चि में एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में आरिफ खान ने कहा कि के रूप में पंजाब की जगह ले रहा है क्योंकि राज्य शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रहा है। राज्यपाल ने कहा, ‘सभी शराब पीने के खिलाफ अभियान चलाते हैं। यहां शराब पीने को बढ़ावा दिया जा रहा है। कितने शर्म की बात है।’

केरल के राज्यपाल और राज्य के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के बीच सितंबर में भी शराब और लॉटरी के राजस्व का मुख्य स्रोत बनने को लेकर काफी कहासुनी हुई थी। खान ने वामपंथी सरकार की बहुत आलोचना भी की थी। आरिफ खान ने शनिवार को केरल में यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों की नियुक्ति का भी मुद्दा उठाया और कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि कुलपतियों की नियुक्ति राज्यपाल की जिम्मेदारी है।

केरल के मंत्रियों को राज्यपाल की नसीहत
आरिफ खान ने कहा कि राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है और अगर राज्यपाल कोई कानून बनाते हैं तो वह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रावधानों के अनुरूप होना चाहिए। खान ने उनके अधिकार पर सवाल उठाने वाले केरल के मंत्रियों पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य के एक मंत्री ने पूछा था कि क्या उत्तर प्रदेश के एक राज्यपाल केरल की शिक्षा व्यवस्था को समझ सकते हैं।

केरल के राज्यपाल ने कहा, ‘…सुप्रीम कोर्ट ने कल यह स्पष्ट किया। सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायाधीश के बारे में भी ऐसी ही टिप्पणी ना करें क्योंकि कल उन्होंने भी केरल तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति की आपकी नियुक्ति के खिलाफ फैसला दिया है।’