आम्रपाली के होम बायर्स के लिए गुड न्यूज, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जल्द घर मिलने की उम्मीद बढ़ी

नोएडा: आम्रपाली के हजारों होम बायर्स (Amrapali Home buyers) के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आम्रपाली के प्रोजेक्टों में अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने इस बारे में नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) की आपत्ति को खारिज कर दिया। कोर्ट रिसीवर अगले 15 दिन में नया प्लान अथॉरिटी देंगे। इस पर अथॉरिटी अतिरिक्त एफएआर का अप्रूवल देगी। इस मामले पर फैसला करीब डेढ़ साल से कोर्ट में अटका हुआ था। इसकी वजह यह थी कि नोएडा अथॉरिटी बार-बार लगा इस पर आपत्ति जता रही थी। अतिरिक्त एफएआर से करीब 1,100 करोड़ के फंड का इंतजाम होगा जिसे आम्रपाली के अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने में खर्च किया जाएगा। इससे अब चलता हुआ काम जारी रहेगा और बायर्स को उनके घर मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आम्रपाली के प्रोजेक्ट्स को अब सरकारी कंपनी एनबीसीसी (NBCC) पूरा कर रही है। कोर्ट ने साथ ही एनबीसीसी को अनयूज्ड फ्लोर एरिया रेश्यो (FAR) के बारे में प्रपोजल देने को कहा है। आम्रपाली के होमबायर्स अनयूज्ड एफएआर को बेचने और प्लॉट को बांटने की योजना का विरोध कर रहे थे। कंपनी इस एरिया को बेचकर कंसट्रक्शन के लिए पैसे जुटाना चाहती है। अनयूज्ड और परचेजेबल एफएआर को लेकर एनबीसीसी और नोएडा अथॉरिटी के बीच भारी मतभेद था। कितने पैसों की जरूरतअटॉर्नी जनरल और कोर्ट के रिसीवर आर वेंकटरमानी आम्रपाली के रुके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए पैसा जुटाने के लिए पिछले तीन साल से सभी विकल्पों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने अनयूज्ड एफएआर बेचने की प्रस्ताव दिया था। उन्होंने कोर्ट से कहा था कि पैसों की कमी को पूरा करने के लिए कोई जादुई समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि अनयूज्ड एफएआर पैसा जुटाने का सबसे अच्छा और सबसे आसान तरीका है। इससे करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं।लेकिन होमबायर्स और नोएडा अथॉरिटी इसका विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि आम्रपाली के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स की संपत्ति बेचकर पैसा जुटाया जाना चाहिए। फोरेंसिक ऑडिटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक आम्रपाली के प्रमोटर से फंड्स की हेराफेरी की थी। होमबायर्स का कहना था कि एफएआर बेचने से कॉमन एरिया में कमी आएगी। इससे पार्क और दूसरी एक्टिविटीज के लिए जगह नहीं बचेगी। सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप की कमान अपने हाथ में लेने के बाद कंपनी के 16 प्रोजेक्ट बनाने का काम एनबीसीसी को सौंप दिया था। इनमें कुल 46,575 यूनिट्स हैं। इनमें से नौ प्रोजेक्ट नोएडा और बाकी प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा में हैं। एनबीसीसी का कहना है कि इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए 8016.68 करोड़ रुपये की जरूरत है।