एक सेल्समैन जो बन गया रिलायंस से चार गुना बड़ी कंपनी का ‘गुड लक’, वॉरेन बफे भी मानते हैं लोहा

नई दिल्ली: अमेरिका का जाने-माने इन्वेस्टर वॉरेन बफे (Warren Buffett) को भला कौन नहीं जानता। दुनियाभर के निवेशक उन्हें अपना आदर्श मानते है। बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे का मार्केट कैप 889.52 अरब डॉलर है जो भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (228.03 अरब डॉलर) से करीब चार गुना अधिक है। बफे दुनिया के अमीरों की लिस्ट में नौवें नंबर पर हैं। उनकी नेटवर्थ 136 अरब डॉलर है। बर्कशायर हैथवे के इंश्योरेंस बिजनस को भारतीय मूल का एक व्यक्ति संभालता है। उनका नाम अजित जैन (Ajit Jain) है। बफे उन पर सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। वह तो अजित जैन को कंपनी के लिए गुड लक हायरिंग मानते हैं। जैन 1986 में बर्कशायर हैथवे से जुड़े और आज कंपनी में वाइस चेयरमैन हैं। कुछ साल पहले यह चर्चा थी कि बफे उन्हें अपना उत्तराधिकारी बना सकते हैं। हालांकि बफे ने साफ किया है कि Greg Abel उनके उत्तराधिकारी होंगे। एक नजर अजित जैन के सेल्समैन से बर्कशायर हैथवे का वाइस चेयरमैन बनने के सफर पर…ओडिशा में जन्मे IIT में पढ़ाईअजित का जन्म ओडिशा के एक छोटे से शहर सुंदरगढ़ में हुई थी। उन्होंने कटक के स्टीवर्ट स्कूल से पढ़ाई की और फिर आईआईटी खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली। जैन ने 1973 में दिग्गज टेक कंपनी आईबीएम में सेल्समैन के तौर पर अपना करियर शुरू किया लेकिन तीन साल बाद ही उन्हें नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इसके बाद 1978 में वह अमेरिका चले गए। उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया और फिर McKinsey & Company में काम किया। फिर वह बफे के इंश्योरेंस बिजनस से जुड़ गए। साल 2018 में उन्हें कंपनी का वाइस चेयरमैन बनाया गया। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में जैन के पास बर्कशायर हैथवे के 18.5 करोड़ डॉलर के शेयर थे। बफे पर कैसे चला जादूबफे कहते हैं, ‘1986 में अजित बर्कशायर में आए। बहुत जल्दी मुझे अहसास हो गया कि हमने एक असाधारण प्रतिभा को हायर किया है। मैंने नई दिल्ली में उनके माता-पिता को चिट्ठी लिखी कि क्या उनके पास इस तरह का कोई और बेटा है। मैं उत्तर पहले से जानता था। अजित की तरह दूसरा कोई नहीं है।’ 92 साल के बफे ने कहा कि जैन से उनकी पहली मुलाकात शनिवार की एक सुबह हुई थी। बफे ने उनसे पूछा कि इंश्योरेंस में उनका कितना अनुभव है। इस पर अजित जैन ने कहा, ‘कुछ भी नहीं।’ इस पर बफे का जवाब था कि कोई भी परफेक्ट नहीं है। बफे ने उन्हें हायर कर लिया। वह याद करते हैं, वह मेरे जीवन का भाग्यशाली दिन था। अजित वास्तव में परफेक्ट चॉइस थे। 35 साल बाद भी वह बेहतर हैं।’अजित को बचाना चाहिएबफे ने एक बार शेयरहोल्डर्स को लिखी एक चिट्ठी में कहा था कि अगर मैं, चार्ली मुंगेर और अजित जैन एक डूबती नाव पर सवार हों और आपके पास केवल एक आदमी को बचाने की चॉइस हो तो आपको अजित को बचाना चाहिए। अजित दुनिया के सबसे बेहतरीन दिमागों में से एक हैं। उनका दिमाग आइडिया की फैक्ट्री है जो हमेशा नए बिजनस आइडिया पर काम करता रहता है। अजित इस तरह का जोखिम लेते हैं, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता है। उनका काम कैपेसिटी, स्पीड और डिसाइसिवनेस का मिश्रण है। इन सबसे ऊपर उनका दिमाग अलग तरह से काम करता है जो बिजनस में यूनीक है।