राम मंदिर के लिए तैयार हुईं सोने-चांदी की झाड़ू, देखें कोटा के अल्ताफ, तैयब, जुबेर और मनोज की कारीगरी

कोटा: अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देश-दुनिया में जश्न का माहौल है। इसी जश्न में राजस्थान के कोटा की खुशी को भी चार चांद लगे हैं। इसके पीछे वजह है, यहां से राम मंदिर के लिए भेजी जा रही खास सोने-चांदी की झाड़ू। झाड़ व्यवसायी राहुल जैन ने विशेषतौर पर राम मंदिर के लिए सोने- चांदी के हत्थे वाले झाड़ू बनवाई हैं। अल्ताफ, तैयब, जुबेर और मनोज की कारीगरीराहुल जैन के अनुसार अल्ताफ हुसैन ने सोने और दो भाइयों तैयब एवं जुबेर भाई ने चांदी के विशेष हत्थों को आकार दिया है। झाड़ू के इन हत्थें को मनोज सोनी ने तराशा है। कोटा से भेजी जाने वाली इन झाड़ू के लिए राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से अनुमति मिले गई है। मंगलवार को इन्हें गोदावरीधाम में रखा जाना और फिर आयोध्या के लिए रवाना करने का कार्यक्रम है। 7 दिन, 70 हजार का खर्च और लगा है खास हूनरराहुल जैन ने बताया कि झाड़ू के हैंडल में 100-100 ग्राम अष्टधातु के ऊपर आधा तोला सोने और दूसरे में 100 ग्राम चांदी की परत चढ़ाई गई है। हैंडल को मजबूती देने के लिए अष्टधातु को इस्तेमाल किया गया है। इनमें तांबा, पीतल 100-100 ग्राम अष्टधातु धातुओं का इस्तेमाल हुआ है। झाड़ू बनाने में कुल 7 दिन लगे है। इस पर कुल खर्चा करीब 70 हजार रुपए आया है। 3 फीट 4 इंच लंबाई, 18 इंच के हत्थेप्रत्येक झाड़ु की कुल लंबाई 40-40 इंच यानी 3 फीट और 4 इंच रखी गई है। इनमें सोने और चांदी के पाइप की साइज 18-18 इंच है। बता दें कि इससे पहले भी कोटा से ही नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर के लिए भी चांदी की झाड़ू भेंट की गई थी। यह भी बता दें कि देश की सबसे महंगी झाड़ओं के तौर पर अयोध्या भेजी जाने वाली झाड़ू लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज करने के लिए आवेदन भी किया गया है।