इमरान के ‘AA प्‍लान’ से जनरल मुनीर को मिली करारी हार, क्यों झुका पाकिस्‍तानी सेना का सिर?

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के बारे में कहा जाता है कि अल्‍लाह, आर्मी और अमेरिका के समर्थन के बिना कोई भी नेता राज नहीं कर सकता है। इमरान खान ने पाकिस्‍तान की राजनीति में नया कारनामा किया है। पीटीआई नेता ने दो A के बल पर तीसरे A को करारी शिकस्‍त दे दी। जी हां, इमरान खान ने पाकिस्‍तानी सेना के अरेस्‍ट करने के प्‍लान को फेल करने के लिए जमान पार्क स्थित अपने घर को ही किला बना लिया। पीटीआई समर्थकों ने पत्‍थर और पेट्रोल बम के साथ गुरिल्‍ला युद्ध शुरू कर दिया और पाकिस्‍तानी सुरक्षा बलों को करारा जवाब दिया। पाकिस्‍तानी सेना और पुलिस को दुम दबाकर पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। यही नहीं विश्‍लेषकों के मुताबिक अमेरिका ने अफगानिस्‍तान- पाकिस्‍तान के लिए अपने विशेष प्रतिनिध‍ि रह चुके चर्चित राजनयिक जल्‍मे खलीजाद के जरिए भी इशारों ही इशारों में इमरान खान का समर्थन कर दिया। बताया यह भी जा रहा है कि ‘तालिबान खान’ कहे जाने वाले इमरान खान की सुरक्षा में कई कबायली लड़ाके भी तैनात थे। इमरान ने इस लड़ाई की शुरुआत में एक वीडियो जारी किया और इसे धार्मिक मोड़ देना शुरू कर दिया। अपने भाषण में पीटीआई नेता बार-बार अल्‍लाह का जिक्र किया। इसके बाद इमरान के समर्थन में अमेरिका आ गया। तालिबान के साथ डील कराने वाले जल्‍मे खलीलजाद ने कहा कि इमरान खान को अरेस्‍ट करने से पाकिस्‍तान में संकट और ज्‍यादा गहरा जाएगा। उन्‍होंने कई ट्वीट करके पाकिस्‍तान सरकार को सलाह दी कि वह किस तरह से देश के सामने मौजूद राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संकट से निपटे। अमेरिकी दूत रहे खलीलजाद ने भारत का क‍िया जिक्रखलीलजाद ने भारत का जिक्र करते हुए कहा कि यह समय गंभीर आत्‍ममंथन का है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान लगातार पतन की राह पर है और अपने धुर विरोधी भारत से पिछड़ रहा है। उन्‍होंने कहा कि अपने नेताओं को जेल में डालकर, फांसी देकर या हत्‍या करके आप गलत रास्‍ते पर जा रहे हैं। उन्‍होंने सलाह दी कि इस समय दो कदम उठाए जाएं। पहला राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चुनाव को जून की शुरुआत में कराया जाए ताकि विवाद खत्‍म हो। दूसरा- राजनीतिक दल मिलकर देश को स्थिरता, सुरक्षा और समृद्धि की राह पर ले जाएं। यह बयान ऐसे समय पर आया है जब पिछले दिनों इमरान खान ने अमेरिका के कई राजनयिकों से मुलाकात करके संबंध को सुधारने की कोशिश की है। कहा यह भी जा रहा है कि उन्‍होंने इस बैठक में चीन की भी आलोचना की थी। अमेरिकी विशेष दूत रहे खलीलजाद के बयान के बाद शहबाज सरकार आगबबूला हो गई। उसने अमेरिकी दूत रहे खलीलजाद के बयान को अनपेक्ष‍ित करार दिया। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्‍हें किसी के लेक्‍चर की जरूरत नहीं है। यही नहीं इमरान ने पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिमी मीडिया को कई इंटरव्‍यू दिए और यह साबित करने की कोशिश की कि वह जो कह रहे हैं, वही सही है और उनके साथ ज्‍यादती हो रही है। ‘इमरान खान ने पाकिस्‍तानी सेना को घुटनों पर लाया’इमरान खान की सधी हुई चाल, लाखों समर्थकों की ताकत और अमेरिका के समर्थन के बाद आखिरकार पाकिस्‍तानी सेना को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा। पाकिस्‍तानी सेना अगर इमरान समर्थकों गोलीबारी में मार देती उसके खिलाफ देश में माहौल खराब होता, इमरान खान को यह पता था और उन्‍होंने इस रणनीति का भरपूर इस्‍तेमाल किया। चर्चित पाकिस्‍तानी पत्रकार वजाहत खान कहते हैं, ‘इमरान खान के लिए आप प्‍यार करें या उनसे नफरत करें, लेकिन पीटीआई नेता ने जिस तरह से आर्मी का सामना किया है, उनसे पहले किसी ने नहीं किया था।’ इमरान खान ने तो एक इंटरव्‍यू में जनरल मुनीर का नाम लिया और कहा कि उनके इशारे के बिना पाकिस्‍तान में कुछ नहीं होता है।