जनरल बाजवा मेरी हत्या के बाद पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाना चाहते थे, इमरान खान का बड़ा आरोप

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। इमरान खान ने दावा किया है कि जनरल बाजवा मेरी हत्या कराकर पाकिस्तान में आपातकाल लगाना चाहते थे। उन्होंने बुधवार को पाकिस्तानी टीवी चैनल बोल न्यूज के साथ एक इंटरव्यू में पूर्व आर्मी चीफ जनरल बाजवा के खिलाफ जमकर बयानबाजी की। इमरान खान ने अपने क्रिकेटर वाले अंदाज में कहा कि उन्होंने अब क्रीज से बाहर खेलने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि वह गुरुवार (5 जनवरी) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और वजीराबाद में उन पर हुए जानलेवा हमले के बारे में कुछ खुलासे करेंगे।

इमरान बोले- मुझे रोकने की कोशिश की जा रही

इमरान खान ने कहा कि कहा कि मुझे संदेश भेजे जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि अब जनरल बाजवा के बारे में बात न करें क्योंकि वह रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने याद करते हुए कहा कि हमले के बाद विरोधी दावा कर रहे थे कि हत्या का प्रयास धार्मिक द्वेष में किया गया था और तब मैंने तब कहा था कि यह एक साजिश है। उन्होंने दावा किया कि जनरल बाजवा अपने कार्यकाल का और ज्यादा विस्तार चाहते थे। ऐसे में वे उन्हें मरवाकर पाकिस्तान में आपातकाल लगाना चाहते थे।

जनरल बाजवा को याह्या से भी खतरनाक बताया

इमरान ने आगे कहा कि लोगों ने जनरल बाजवा के खिलाफ ऐसी नफरत जाहिर की, जो जनरल याह्या खान के खिलाफ नहीं जताई गई। उन्होंने कहा कि इतिहास याह्या को भूल जाएगा और बाजवा को याद रखेगा। उन्होंने अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले की एफआईआर दर्ज करने की अपनी मांग दोहराई और सुप्रीम कोर्ट से इस पर स्वत: संज्ञान लेने की अपील की। पीटीआई प्रमुख ने कहा कि वह ठीक होते ही सिंध का दौरा करेंगे।

इमरान खान पर हमले में तीन शूटर शामिल थे : पीटीआई नेता

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी और पंजाब सरकार ने बुधवार को कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की जिस तरह से हत्या की गई थी, उसी की तर्ज पर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की हत्या के लिए ‘तीन शूटर’ भेजे गए थे। पंजाब के गृह मंत्री उमर सरफराज चीमा और पीटीआई के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने कहा कि खान पर तीन नवंबर को हुए हमले की जांच कर रहे संयुक्त जांच दल (जेआईटी) ने पाया कि इमरान खान की हत्या के लिए कम से कम तीन शूटर भेजे गए थे, जिन्होंने उनके पैर में तीन गोलियां मारीं। चौधरी ने कहा कि हत्या की साजिश पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की हत्या की तर्ज पर रची गई थी। 1951 में रावलपिंडी में एक सभा को संबोधित करने के दौरान लियाकत अली खान के सीने में दो बार गोली मारी गई थी। उनके हत्यारे को भी पुलिस ने मौके पर ही मार गिराया था।