गांधी जयंती 2022: ‘श्रद्धा का अर्थ आत्मविश्वास….’ पढे़ जीवन को नई दिशा देने वाले बापू के महान विचार

महात्मा गांधी यानी वो शख्स जिन्होंने अंहिसा के मार्ग पर चलकर देश को स्वतंत्र करवाने में अहम भूमिका निभाई. वो शख्स जिन्होंने ये साबित कर दिया कि धैर्य और सच्चाई के रास्ते पर चलकर कठिन से कठिन लड़ाई जीती जा सकती है. 2 अक्टूबर 1986 को जन्में महात्मा गांधी के विचार इतने प्रभावशाली थे कि भारत तो क्या विदेश में भी लोगों पर असर छोड़ जाते थे. महात्मा गांधी के विचार जीवन को नया नजरिया देते हैं. उनके विचारों से लोगों में आत्मविश्वास आता है. महात्मा गांधी त्याग, संयम और सादगी की मिसाल थे. 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 154वीं जयंती है. इस खास मौके पर पढ़िए उनके वो 10 खास विचार जिनसे लोगों के जीवन को नई दिशा मिलती है-

पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो.
श्रद्धा का अर्थ है आत्मविश्वास और आत्मविश्वास का अर्थ है ईश्वर में विश्वास.
आप तब तक यह नहीं समझ पाते कि आपके लिए कौन महत्वपूर्ण है, जब तक आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देते.
हम जिसकी पूजा करते हैं, उसी के समान हो जाते हैं.
व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है, वह जो सोचता है वैसा ही बन जाता है.
हमें कभी पता नहीं होता कि हमारे किए हुए काम का क्या नतीजा होगा, लेकिन इसके कारण आप काम करना बंद नहीं कर सकते हैं. हमेशा कार्य करते रहें.
जहां आपको गलती करनी की स्वतंत्रता न मिले, वहां उस स्वतंत्रता का कोई मोल नहीं है.
दुनियां की सबसे बड़ी हानि किसी के स्वाभिमान की हानि है. इससे बड़ी हानि की कल्पना मैं नहीं कर सकता.
दुनियां में जो भी बदलाव आप देखना चाहते हैं. उसकी शुरुआत खुद से करें.
किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां जानवरों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है.
स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है खुद को औरों की सेवा में लगा देना
भूल करने में पाप नहीं है लेकिन उसे छिपाने में उससे भी बड़ा पाप है.
मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है. सत्य मेरा भगवान है, अहिंसा उसे पाने का साधन
क्रोध और असहिष्णुता बुद्धि के दुश्मन हैं.
मेरी अनुमति के बिना कोई भी मुझे ठेस नहीं पहुंचा सकता