दिल्ली में आज से शादियों का दौर, बैंड, बाजा और बारात का इकनॉमिक कनेक्शन समझिए

नई दिल्ली: महीनेभर इंतजार के बाद फिर से शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो गया है। बैंड वाले तैयार हो गए हैं। 16 जनवरी से वैवाहिक कार्यक्रम शुरू होने हैं। चांदनी चौक में मास्टर बैंड के ओनर संजय शर्मा ने बताया कि आज से बारात चढ़नी शुरू हो रही हैं। फिर भी जनवरी में 20 तारीख से 19 फरवरी तक अच्छे साये हैं। इसके बाद 28 फरवरी से 12 मार्च तक शादियां ही शादियां हैं। हालांकि 12 मार्च के आसपास प्रेशर थोड़ा कम रहेगा। उन दिनों में स्कूली बच्चों के एग्जाम शुरू हो चुके होंगे। इस सीजन में लगभग दो महीने हैं, जिसमें शुभ मुहूर्त के 5 दिन एक्सट्रा मिले हैं। जबकि पिछला सीजन नवंबर में शुरू हुआ था और 15 दिसंबर को खत्म हो गया था। एक महीना आराम किया। इस बीच हमने ड्रेस रीनोवेट कराईं हैं। लाइट अल्ट्रेशन की हैं। बैंड, ढोल, ड्रम, ब्रास बैंड, ताशे, शहंनाई बजाने वालों ने अभ्यास किया। अब सभी बारात में जाने को रेडी हैं। संजय ने बताया कि अब डेस्टिनेशन वेडिंग का भी दौर है। बहुत से परिवार दिल्ली के बाहर शादी-ब्याह करना पसंद करते हैं। ब्रैंडिड बैंड दिल्ली से भी बाहर डेस्टिनेशन वेडिंग पर जाते हैं। इनका पूरा खर्चा उठाते हैं। कई जानने वाली फैमिली है, जिनके प्रत्येक फंक्शन में दिल्ली के मशहूर बैंड काम करते हैं। कुछ क्लाइंट दूसरे शहरों के लोकल बैंड को भी हायर कर लेते हैं। कुल मिलाकर सीजन शुरू होने से उत्साह जरूर है। लोग भी जमकर खर्चा कर रहे हैं। हर बजट में बैंड मिल जाता है। वैसे भी बगैर बैंड-बाजे के बारात कैसी? हर शादी में माहौल ही बैंड-बाजे से बनता है।दिन में शादी के चलन से काम कमसंजय शर्मा ने बताया कि अब कई फॉर्म हाउस, बैंक्वेट हॉल और इवेंट ऑर्गनाइजर्स एक दिन में शादी समारोह पूरा करने का पैकेज देते हैं। इसमें दिन में ही बारात चढ़ती है। चढ़त में लाइटिंग की जरूरत नहीं रहती। दिन में शादी के चलने से काम कम हो गया है। शाम में फेरे होते हैं। लड़का और लड़की वाले दोनों मिलकर रात में दावत दे देते हैं। यहीं पर रूम्स भी होते हैं। इसी में ठहर जाते हैं।चलती बारात में नहीं बज सकता डीजेबाजार में कई जगह डीजे बजता हुआ सुनाई देता है। इससे सड़क पर गुजर रहे अन्य लोगों को दिक्कत होती है। संजय ने बताया कि चलती बारात में डीजे बजाना अवैध है। ये सिर्फ शादी समारोह स्थल पर सीमित आवाज में रात 10 बजे तक ही बजाया जा सकता है।बारात में विंटेज कारों की डिमांड भी खूबइस बार शादी का सीजन बढ़िया है। क्लाइंट बैंड के साथ विंटेज कारों को भी बुक कर रह हैं। छत्तरपुर और गुड़गांव में कइयों के पास पुरानी गाड़ियां हैं, जिन्हें मॉडिफाइड करा रखा है। इससे दूल्हे की सवारी रॉयल लुक में लगती है। बग्गी का चार्ज भले कम है, फिर भी विंटेज कार पसंद की जा रही हैं। शादी एक बार होती है, तो क्लाइंट भी खर्चा करने में हिचकना नहीं है। दिल्ली के बाहर काफी डिमांड आ रही है। आज कल बारात में बैंड-बाजे के साथ मशाल भी चल रही हैं, जिसमें आग रहती है। लड़का-लड़की के नेमबोर्ड भी बना रहे हैं। राजस्थानी फैमिली शादी में हाथी-घोड़े मांगते हैं। उसकी मांग भी पूरी कर रहे हैं। बार कार ट्रॉली भी मांग में आई है। कई बारात में बार कार ट्रॉली देखी जा सकती है। इसमें खाने-पीने का सामान और ड्रिंक्स होती हैं। बाराती जमकर डांस के साथ लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाते हैं।करिश्मा थदानी, जिया बैंडविवाह के शुभ मुहूर्तजनवरी – 16, 17, 20, 21, 22, 27, 28, 30 और 31फरवरी – 4, 6, 7, 8, 12, 13, 17, 24, 25, 26, और 29मार्च – 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 10, 11 और 12अप्रैल – 18, 19, 20, 21 और 22नवंबर – 12, 13, 16, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28, और 29दिसंबर – 4, 5, 9, 10, 14 और 15शादी-विवाह से अर्थव्यवस्था का कनेक्शनदेश में धूमधाम से शादी-विवाह होते हैं। सक्षम परिवार जमकर खर्चा करते हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल कहते हैं कि शादी-विवाह से अर्थव्यवस्था का गहरा कनेक्शन होता है। एक शादी में आम तौर पर 50% खर्च सामान की खरीद पर और 50% सर्विसेज पर खर्च किया जाता है। कपड़ों पर 10%, जूलरी में 15%, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंस्यूमर प्रोडक्ट्स पर 5%, ड्राई फ्रूट्स, फल, मिठाई पर 5%, किराना और सब्जियों पर 5%, गिफ्ट आइटम पर 4% और बाकी 6% अन्य सामानों में खर्च होने की संभावना है। इसके अलावा में बैंक्वेट हॉल, होटल और अन्य विवाह स्थलों पर 5%, इवेंट मैनेजमेंट पर 5%, टेंट सजावट पर 12%, फूलों की सजावट पर 4%, फोटो और विडियो शूट पर 2%, ऑर्केस्ट्रा, बैंड, डीजे पर 3%, लाइट और साउंड पर 3% के व्यापार का अनुमान जताया जा रहा है। छोटे कामगार से लेकर बड़े बैंक्वेट हॉल मालिक की जेब तक पैसा पहुंचता है। मार्केट में पैसा घूमेगा, तो इकॉनमी के लिए अच्छा होता है।