नेहरू-इंदिरा, परिवारवाद, ओबीसी से लेकर महंगाई तक… पीएम मोदी ने कांग्रेस पर खूब हमला बोला

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले आखिरी संसद सत्र में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर खूब निशाना साधा। उन्होंने बीजेपी के हर अजेंडे को साफ किया और अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड रखने के साथ ही कांग्रेस सरकारों की सुस्त रफ्तार के भी सबूत गिनाए। कांग्रेस को परिवारवाद से लेकर भ्रष्टाचार और महंगाई तक के मसले पर घेरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए लोकसभा चुनाव परिणाम की भविष्यवाणी भी कर दी। इसके साथ ही पीएम ने पहली बार परिवारवाद की अपनी परिभाषा भी बताई। देश को बांटने के आरोप पर पीएम का पलटवारकांग्रेस नेता अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि बीजेपी देश को बांट रही है और वो देश को जोड़ने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। बीजेपी नेता इस यात्रा को लेकर लगातार अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस में कटाक्ष करते रहे हैं लेकिन अब लोकसभा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसका जवाब दिया है। मोदी ने कांग्रेस पर ही देश को बांटने का आरोप लगाया और सवाल किया, ‘कब तक टुकड़ों में सोचते रहोगे और कब तक समाज को बांटते रहोगे?’ मोदी बोले, ‘जब हम युवाओं की बात करते हैं तो उसमें सभी युवा आते हैं और जब महिलाओं की बात होती है तो उसमें सभी महिलाएं आती हैं। इसमें किसी जाति-धर्म का अंतर नहीं होता है।’ ध्यान रहे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी अंतरिम बजट पेश करते हुए ‘बीजेपी का सेकुलरिज्म इन एक्शन’ की बात की थी। साफ है कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी विपक्ष के अजेंडे से ही विपक्ष को घेरने के मूड में है। पीएम ने आज संसद में साफ-साफ कहा कि कांग्रेस पार्टी देश को कई टुकड़े कर चुकी है, फिर भी उसका मन नहीं भरा और इसके और टुकड़े करने में जुटी है।कांग्रेस बनाम बाकी विपक्ष बनाने की कोशिशएक तरफ कांग्रेस विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रही है और इंडी गठबंधन के जरिए मिलकर चुनाव लड़ने की प्लानिंग पर काम कर रही है, तो दूसरी तरफ मोदी ने अपने संबोधन में कांग्रेस बनाम बाकी विपक्ष बनाने की कोशिश की। मोदी का सारा निशाना कांग्रेस पर रहा और वे क्षेत्रीय दलों पर नरम दिखे। कांग्रेस पर न सिर्फ विपक्ष का दायित्व निभाने में विफल होने का आरोप लगाया बल्कि यहां तक कहा कि विपक्ष में जो होनहार लोग थे, उन्हें भी उभरने नहीं दिया। मोदी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के साथियों में हो रही खींचतान पर भी तंज कसा और कहा कि इन्हें अपने इस कुनबे में एक-दूसरे पर विश्वास नहीं है तो ये लोग देश पर कैसे विश्वास करेंगे। दरअसल हर लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी गठबंधन की कोशिश होती है लेकिन अब तक यह पूरी तरह सफल नहीं हो पाई है। जानकारों का मानना है कि इंडी गठबंधन जिस रूप में बनाने की कोशिश हो रही है, अगर वह बन जाता है तो चुनाव में बीजेपी को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।परिवारवाद पर खुलकर हमलाबीजेपी के पास कांग्रेस को घेरने के लिए सबसे बड़ा हथियार परिवारवाद है। बीजेपी इस हथियार का हमेशा इस्तेमाल भी करती है। पीएम मोदी ने पहली बार खुलकर परिवारवाद की परिभाषा समझाई ताकि बीजेपी के इस हथियार की धार और तेज हो सके। पहली बार मोदी ने विपक्ष के इस आरोप का भी जवाब दिया कि बीजेपी में भी कई परिवार के लोग हैं। अमित शाह या राजनाथ सिंह के बेटों को लेकर विपक्ष बीजेपी पर आरोप लगाता रहा है कि बीजेपी को अपना परिवारवाद नहीं दिखता। मोदी ने इसका भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर कोई अपनी प्रतिभा और जनता के समर्थन से राजनीति में आगे आता है तो उसे परिवारवाद नहीं कहते। परिवारवाद वो है जिसमें किसी के लिए बाकियों की प्रतिभा की बलि चढ़ाई जाती है। पीएम बोले, ‘न तो राजनाथ सिंह और न ही अमित शाह की कोई पॉलिटिकल पार्टी है।’ मोदी ने राहुल गांधी से लेकर नेहरू और इंदिरा गांधी सबको घेरा। नेहरू और इंदिया के कुछ बयानों को कोट करते हुए कहा कि नेहरू जी की भारतीयों के प्रति सोच थी कि भारतीय आलसी और कमअक्ल होते हैं और इंदिया जी की सोच भी उससे ज्यादा अलग नहीं थी।सरकार का रिपोर्ट कार्ड और लोकसभा चुनाव के लिए संदेशमोदी ने अपने दस साल के कार्यकाल की कई उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उनकी सरकार ने अलग-अलग योजनाओं में क्या-क्या किया और कितनों को लाभ मिला, उन्होंने इसका जिक्र किया। फिर उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस की सरकारें बड़े सपने देखने की भी हिम्मत नहीं कर पाती थीं। उन्होंने कहा कि 2024 के बजट भाषण में तत्कालीन वित्त मंत्री ने वैश्विक जीडीपी के मामले में भारत के 11वें स्थान पर होने पर खुशी का इजहार किया था और उम्मीद जताई थी कि अगले तीन दशक (30 वर्षों) में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था हो जाएगा। पीएम ने कांग्रेस की ऐसी ‘छोटी सोच’ की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अगर अपने कल्याणकारी कार्यक्रमों को कांग्रेसी सरकारों की रफ्तार से आगे बढ़ाती तो पता नहीं उन्हें पूरा करने में कितने दशक लग जाते। पीएम ने अपनी सरकार के तीसरे कार्यकाल को लेकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि बस सौ-सवा सौ दिन में उनकी सरकार लौट रही है। उन्होंने अगले चुनाव में बीजेपी को मिलने वाली सीटों को आर्टिकल 370 से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में जनता बीजेपी को 370 से ज्यादा सीट देगी और एनडीए का आंकड़ा 400 पार होगा। खेला ओबीसी कार्ड भीमोदी ने मुस्कुराते हुए ओबीसी कार्ड भी खेला। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस से अति पिछड़ा व्यक्ति बर्दाश्त नहीं हुआ था। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने कर्पूरी ठाकुर की सरकार को परेशान करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। पीएम ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी आज भी ओबीसी के प्रति भेदभाव रखती है। उन्होंने खुद की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस को इतना बड़ा ओबीसी नेता नजर नहीं आता।कमजोर नब्ज छूने की कोशिशमहंगाई को विपक्ष हर चुनाव में मुद्दा बनाने की कोशिश करता है और यह जनता की कमजोर नब्ज भी है। मोदी ने इसी नब्ज को छूते हुए कांग्रेस पर अटैक किया। मोदी ने कहा कि जब भी कांग्रेस आती है, महंगाई लाती है। उन्होंने नेहरू के अलग-अलग वक्त के बयानों को कोट किए और कहा कि नेहरू ने लाल किले से माना कि महंगाई बढ़ी है। इंदिरा गांधी के बयान को कोट कर कहा कि वह भी महंगाई पर काबू नहीं कर पाई। मोदी ने कटाक्ष किया कि महंगाई मार गई, महंगाई डायन खाए जात है… ये दोनों गाने कांग्रेस के शासन काल में आए। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने महंगाई को लगातार नियंत्रण में रखा है, दो-दो युद्ध और 100 साल में आए सबसे बड़े संकट के बावजूद।