भोपाल, इंदौर सहित पूरे देश में PFI के खिलाफ छापे, UP में 44, महाराष्ट्र में 43 गिरफ्तार

भोपाल (dailyhindinews.com)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार को देश के अलग-अलग राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई ठिकानों पर फिर से छापेमारी की गई. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, केरल, गुजरात, कर्नाटक और असम में एनआईए के छापे से पीएफआई से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया. इस कार्रवाई में संगठन से जुड़े 247 लोगों को गिरफ्तार गया है.

मध्यप्रदेश में जांच एजेंसी ने इंदौर और भोपाल में छापा मारा. इंदौर से पीएफआई के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है. इनमें तौसीफ अहमद, यूसुफ मौलानी, दानिश गौरी शामिल हैं. वहीं, अब्दुल रउफ को भोपाल से गिरफ्तार किया गया है. वहीं, दिल्ली पुलिस ने पीएफआई से जुड़े 30 लोगों की गिरफ्तार किया है.

महाराष्ट्र के औरंगाबाद, नांदेड़ , सोलापुर , जालना और परभणी में भी पीएफआई के ठिकानों पर छापा मारा है. इस कार्रवाई में एटीएस और स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई है. बताया जा रहा है कि एनआईए सहित केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट पर एटीएस और लोकल पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है.

मालेगांव पुलिस ने मालेगांव पीएफआई प्रमुख मौलाना इरफान नदवी और पीएफआई सदस्य व कार्यकर्ता इकबाल को मालेगांव से गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा है कि उस पर पिछले कुछ दिनों से छापेमारी कर रही एजेंसियों पर भड़काऊ बयान देने का आरोप है. मौलाना और इकबाल ने सैफ उर रहमान के परिवार के साथ प्रेस वार्ता की थी.

मौलाना और इकबाल आज कोर्ट में होंगे पेश

मौलाना और इकबाल को गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. सूत्रों के हवाले से खबर है कि लखनऊ में पीएफआई से जुड़े दो ठिकानों पर छापेमारी हो रही है. इस दौरान दो संदिग्धों से पूछताछ की गई है. स्थानीय पुलिस को इस ऑपरेशन की जानकारी नहीं है. एनआईए ने उत्तर प्रदेश में पीएफआई से जुड़े 44 लोगों को गिरफ्तार किया है.

कर्नाटक में 72, असम में 20, दिल्ली में 32, महाराष्ट्र में 43, गुजरात में 15 और एमपी में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बीते गुरुवार को कई राज्यों में कई जगहों पर पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और इस दौरान अलग-अलग जगहों पर 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार भी किया गया था.

छापेमारी का पीएफआई ने जताया था विरोध

गुरुवार को छापेमारी के दौरान केरल में सबसे ज्यादा गिरफ्तारी हुई थी. महाराष्ट्र से 20 से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए थे. इसके बाद तमिलनाडु ,असम , उत्तर प्रदेश , आंध्र प्रदेश सहित देश के कई राज्यों में पीएफआई से जुड़े लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं. एनआईए की कार्रवाई के बाद पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध जताया था. केरल में हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं. कई जगहों पर वाहनों में तोड़फोड़ की गई. स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया पर बैन के बाद पीएफआई ने खुद को संगठन के रूप में पेश किया है. इससे जुड़े लोगों का मानना है कि यह संगठन अल्पसंख्यकों, दलितों और समाज के गरीब तबकों के अधिकारों के लिए लड़ता है.

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