जोशीमठ के भू-धंसाव क्षेत्र पहुंचे पूर्व सीएम हरीश रावत, कहा- क्षेत्र को बचाना राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल रविवार को जोशीमठ के भू-धंसाव वाले प्रभावित क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जोशीमठ के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का जीवन और आजीविका संकट में है। ऐसे वक्त में कांग्रेस प्रभावितों के साथ खड़ी है। हम सरकार के साथ हैं और जोशीमठ को बचाना राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए।पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा, “हम इस चुनौती में सरकार और मुख्यमंत्री के साथ हैं। इसमें थोड़ी देर हुई है, लेकिन अगर हम तत्परता से काम करते हैं और केंद्र अपनी पूरी ताकत लगाता है तो जोशीमठ को बचाया जा सकता है। जोशीमठ को बचाना राष्ट्रीय मिशन होना चाहिए। यदि विशेषज्ञ कहते हैं कि सुरंग या अन्य कारक अपराधी हैं, तो उन सभी को रोका जाना चाहिए और चीजों को नए सिरे से उठाया जाना चाहिए। स्थानीय लोगों की समिति बनाई जानी चाहिए और सभी के साथ निरंतर परामर्श से सुधार किया जाना चाहिए।”If experts say that tunnels or other factors are the culprit, all of them should be stopped & things should be taken up afresh.Committee of the locals should be formed, and with continuous consultation with everyone, improvements should be made: Former Uttarakhand CM Harish Rawat pic.twitter.com/SSDbGCjR3U— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) January 8, 2023

इससे पहले शनिवार को कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी जोशीमठ में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव और प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही प्रभावितों से मिलकर सरकार द्वारा किए जा रहे राहत-बचाव और पुनर्वास कार्यो का जायजा लिया।इस समय भारत जोड़ो यात्रा को लेकर हरियाणा में मौजूद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से प्रभावितों को हर संभव मदद करने की मांग है। साथ ही क्षेत्रीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं से प्रभावितों की मदद करने की अपील की है।