फ्लाइट 7 घंटे लेट, लगेज भी गुम… मछली बाजार बने एयरपोर्ट पर भड़के लोग, निकाली भड़ास

नई दिल्‍ली: 100 से ज्‍यादा फ्लाइट लेट। कई रद्द। तमाम का रूट डायवर्ट। वजह थी दिल्‍ली में घना कोहरा। रविवार को मछली बाजार जैसा दिखने लगा था। इसे लेकर हड़कंप मच गया। इंडिगो की फ्लाइट में यात्री के को-पायलट पर हाथ उठाने के बीच अब सोशल मीडिया पर एयरपोर्ट के हालात के वीडियो क्लिप सामने आए हैं। इसे लेकर लोगों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। संडे को यात्रियों को दिल्‍ली एयरपोर्ट पर भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर इसे लेकर उन्‍होंने जमकर भड़ास निकाली। उन्‍होंने इस दौरान के कई फोटो और वीडियो क्लिप शेयर किए हैं। इनमें से एक ने बताया कि उन्‍हें सात घंटे से ज्‍यादा अपनी फ्लाइट के लिए इंतजार करना पड़ा। धड़ाधड़ फ्लाइट कैंसल होती गईं। लगेज गायब हो गए। लग ही नहीं रहा था कि यह राजधानी का एयरपोर्ट है। वीडियो में एयरपोर्ट पर भारी भीड़ को देखा सकता है। एक वीडियो में दिखता है कि फ्लाइट लेट होने के बाद लोग बीच सड़क पर बैठकर खाना खा रहा हैं। वे इंडिगो की फ्लाइट के बगल में सड़क पर बैठे हैं। इंडिगो एयरलाइंस के उड़ान भरने में 13 घंटे की देरी के बाद एक यात्री के पायलट पर हमला किए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच ये विजुअल आए हैं। दिल्ली से गोवा रवाना होने वाली फ्लाइट (6ई-2175) को रविवार सुबह 7:40 बजे निकलना था। इसे दिल्ली हवाईअड्डे पर 13 घंटे की अप्रत्याशित देरी का सामना करना पड़ा। इससे यात्रियों में निराशा और गुस्सा पैदा हुआ।विमानन नियामक डीजीसीए ने इस बीच सोमवार को एयरलाइंस के लिए गाइडलाइन जारी कीं। उनसे उड़ान में देरी के संबंध में सटीक वास्तविक समय की जानकारी प्रकाशित करने को कहा गया है। हवाई अड्डों पर कोहरे से संबंधित व्यवधानों के बीच यात्रियों के साथ उचित संवाद करने के भी निर्देश दिए गए हैं। गाइडलाइन के मुताबिक, हवाई अड्डों पर कर्मचारियों को संवेदनशीलता से पेश आने की जरूरत है। बड़ी संख्या में उड़ानों में देरी और उनके रद्द होने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करने की पृष्ठभूमि में डीजीसीए कई एसओपी लेकर आया है।डीजीसीए ने कहा- मौजूदा कोहरे और विपरीत मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए हवाई अड्डे पर भीड़भाड़ और यात्रियों की असुविधा को कम करने की दृष्टि से एयरलाइन ऐसी उड़ानों को पर्याप्त समय से पहले ही रद्द कर सकती हैं जिनमें ऐसी स्थितियों (खराब मौसम) के कारण तीन घंटे से अधिक की देरी होने की आशंका है।