संभल कोल्ड स्टोरेज हादसे में चली गई पांच लोगों की जान, 11 बचाए गए, कई मजदूर अब भी मलबे में

संभल: यूपी के संभल जिले में हुए कोल्‍ड स्‍टोरेज हादसे में मरने वालों की संख्‍या बढ़कर पांच हो गई है। प्रशासन ने अब तक 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाल लिया है। गुरुवार को क्षमता से अधिक आलू से भरे कोल्ड स्टोरेज की करीब 90 फीट लंबी छत अचानक से भरभराकर ढह गई थी। हादसे में वहां मौजूद करीब 25 लोगों के दबने की आशंका जताई गई है। कोल्‍ड स्‍टोरेज के मालिक समेत दो लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मुख्‍य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है। डीएम मनीष बंसल ने बताया कि अब तक हमने 11 लोगों को बचाया है और 5 लोगों की मौत हुई है। NDRF अपने खोजी कुत्तों की मदद से फंसे लोगों को ढूंढ रहे हैं। NDRF और SDRF की दूसरी टीमें भी जल्‍द आ आएंगी। हमारी कोशिश इसको जल्द से जल्द खत्म करने का है। वहीं, एसपी चक्रेश मिश्रा का कहना है कि यहां के मालिक, 2 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। हमने 4 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मुख्य आरोपी फरार हैं जिनकी तलाश की जा रही है। मलबा हटने के बाद ही इस बिल्डिंग के गिरने का असल कारण बता पाएंगे। इससे पहले गुरुवार को हादसे की सूचना मिलते ही डीआईजी, डीएम, एसपी समेत अफसर मौके पर पहुंचे। आठ जेसीबी संग लोगों को सकुशल निकालने में रेस्क्यू ऑपरेशन में टीम जुटी रहीं। मलबा और आलू की बोरियों को हटाया गया। मौके पर जुटी भीड़ की कई बार पुलिस से भिड़ंंत हुई। कोल्ड स्टोरेज में मौजूद अमोनिया का रिसाव न हो इस डर से अफसरों ने आसपास का इलाका खाली करा दिया है। एनडीआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव का काम शुरू कर दिया। छह महीने पहले ही बना था चैंबर पुलिस को जानकारी मिली है कि कोल्ड स्टोरेज का गिरा चेंबर छह महीने पहले बनकर तैयार हुआ था। दमकल विभाग के अलावा यातायात पुलिस को भी रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाया गया है। पांच JCB और हाइड्रा मशीन से मलबे को धीरे-धीरे हटाया जा रहा है, ताकि कोई आलू के बोरियों के नीचे न दब जाए। पुलिस के आलावा एक कंपनी पीएसी को भी मौके पर लगाया गया है। 1000 से ज्यादा आलू की बोरियांबताया गया है कोल्ड स्टोरेज में 1000 से ज्यादा आलू से भरी बोरियां लगी हैं। मलबे में ट्रॉलियां भी दबी हैं। डीएम ने बताया कि धीरे-धीरे मलबे को हटाया जा रहा है। आशंका है कि कुछ लोग आलू की बोरियों के नीचे भी दबे होंगे। इसलिए एक-एक कर बोरियों को हटाकर बाहर लाया जा रहा है।