Ram Mandir प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए महाकालेश्वर मंदिर से जाएंगे पांच लाख लड्डू, चढ़ाया जाएगा प्रसाद

राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए देश घर में अलग-अलग स्तर पर तैयारी की जा रही है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए आयोजन भले ही अयोध्या में होना हो लेकिन देशभर में इसके जश्न की तैयारी जोर-शोर से जारी है। इसी बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 12 जनवरी को कहा है कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से 5 लाख लड्डू अयोध्या भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की जानकारी थी कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर से अयोध्या 5 लाख लड्डू भेजे जा रहे है। इन लड्डू को प्रसाद के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। अयोध्या में मंदिर को मुगल बादशाह बाबर ने तोड़ा था और अब इसका पुनर्निर्माण हो रहा है। वर्षों के बाद और लंबे संघर्ष के बाद इस मंदिर का निर्माण हो रहा है जिसका जश्न मनाने में मध्य प्रदेश भी पीछे नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का भव्य निर्माण किाय जा रहा है, जिसे देखने का सौभाग्य हमें भी मिल रहा है। सभी राज्यों के लोगों को उद्घाटन होने के बाद दर्शन करने के लिए विभिन्न तारिखें दी है, जिसके आधार पर ही मंदिर में दर्शन करने के लिए जाया जाएगा। इस मंदिर के संबंध में उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा प्रदान की जाने वाली विशिष्ट तिथियों पर विभिन्न राज्यों से लोगों को राम मंदिर में दर्शन के लिए अयोध्या भेजा जाएगा। पीएम मोदी ने 11 दिवसीय अनुष्ठान किया शुरूप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले शुक्रवार से 11 दिन का विशेष अनुष्ठान आरंभ किया। इस अनुष्ठान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले की है। गौरतलब है कि शास्त्रों में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ के लिए लोगों के वास्ते सख्त और कठिन दिशा निर्देश हैं। इनी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा से पहले वह आध्यात्मिक यात्रा के कुछ विद्वानों के मार्गदर्शन में विशेष अनुष्ठान शुरू कर रहे हैं। बता दें कि इस अनुष्ठान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नासिक में धाम-पंचवटी से की है। गौरतलब है कि नासिक की इस धाम पंचवटी के बारे में माना जाता है कि भगवान राम ने वहां लंबा समय व्यतीत किया था।