पहले शीला अब BJP… 9 साल बाद क्या फिर आम आदमी पार्टी दिल्ली में वही कहानी दोहराने जा रही

नई दिल्ली: … आम आदमी पार्टी का यह नारा कामयाब होता दिख रहा है। दिल्ली पर सभी एग्जिट पोल के जो नतीजे सामने आए हैं उसमें आम आदमी पार्टी शानदार जीत दर्ज करती नजर आ रही है। कल यानी 7 दिसंबर को असली नतीजे भी सामने आएंगे। एग्जिट पोल में जो रिजल्ट है यदि वैसे ही रहा तो दिल्ली में आम आदमी पार्टी वही कहानी दोहराने जा रही है जो उसने 9 साल पहले दोहराई थी। दिल्ली में शीला दीक्षित के 15 साल के शासन का अंत आम आदमी पार्टी ने साल 2013 में कर दिया। वहीं 9 साल बाद एमसीडी पर बीजेपी के 15 साल के शासन पर ब्रेक लगता नजर आ रहा है। पिछले 15 साल से एमसीडी पर बीजेपी का कब्जा है और एग्जिट पोल के जो नतीजे हैं उससे यह क्लियर है कि बीजेपी की एमसीडी से विदाई होने जा रही है। आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत खास होगी क्योंकि सत्ता में रहने के बावजूद पिछली बार एमसीडी चुनाव में उसका प्रदर्शन ठीक नहीं था।

AAP ने लगाया ब्रेक, पहले शीला अब बीजेपी की बारी

1998 से 2013 तक दिल्ली में शीला दीक्षित का शासन रहा। वह तीन बार लगातार मुख्यमंत्री बनीं। साल 2013 में पहली बार आम आदमी पार्टी चुनाव मैदान में थी और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में पार्टी ने दिल्ली में ऐसा कर दिया जिसको किसी को उम्मीद नहीं थी। इस चुनाव में न केवल शीला दीक्षित की हार हुई बल्कि उसके बाद से दिल्ली में कांग्रेस के लिए कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही। इस एमसीडी चुनाव में भी कांग्रेस शीला दीक्षित के नाम और उनके कराए गए काम को लेकर जनता के बीच गई लेकिन कोई फायदा उसे नहीं मिलता दिख रहा।

एग्जिट पोल के जो नतीजे सामने आए हैं उसके बाद बीजेपी के नगर निगम के 15 साल के शासन का अंत दिखाई दे रहा है। अब तक नगर निगम में बीजेपी अपराजेय मानी जा रही थी। इसके पीछे कारण भी थे। शीला दीक्षित की लोकप्रियता दिल्ली में अधिक थी साथ ही केंद्र और राज्य दोनों ही जगह कांग्रेस की सरकार उसके बावजूद 2007 और 2012 में बीजेपी ने नगर निगम पर कब्जा जमाया। वहीं दिल्ली में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के बावजूद 2017 में भी बीजेपी ने जीत की हैट्रिक लगाई। जिसके बाद यह कहा जाने लगा कि यहां बीजेपी को हराना मुश्किल है लेकिन इस बार एग्जिट पोल कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। दिल्ली में AAP 9 साल बाद फिर वही कहानी दोहराती दिख रही है।

MCD में भी केजरीवाल… चल गई झाड़ू

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के बावजूद एमसीडी में वह सत्ता से दूर थी। दिल्ली में AAP की रिकॉर्ड जीत के बाद भी यह सवाल खड़े हो रहे थे कि आखिर यहां क्यों वह पीछे है। वहीं बीजेपी के लिए राहत की बात यह थी कि दिल्ली विधानसभा न सही एमसीडी पर उसका कब्जा है। एमसीडी की जीत के जरिए वह आम आदमी पार्टी पर निशाना साधती रहती थी लेकिन एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि बीजेपी वह ग्राउंड भी खोने जा रही है। साथ ही आम आदमी पार्टी के लिए यह जीत कई मायनों में खास होगी।

इस बार एमसीडी चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से खास रणनीति बनाई गई। दिल्ली में AAP की सरकार के बाद यह नारा दिया गया कि एमसीडी में भी केजरीवाल। पार्टी की ओर से मतदाताओं के बीच यह मैसेज दिया गया कि यदि एमसीडी में पार्टी की जीत होती है तो वॉर्ड की दिक्कतों को दूर करने में आसानी होगी। वहीं आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में निगम में भ्रष्टाचार का मुद्दा जोर शोर के साथ उठाया जिसका फायदा उसे मिलता दिख रहा है। एमसीडी में जीत के बाद दिल्ली की सियासत में AAP की जडें और भी गहरी हो जाएंगी।

एग्जिट पोल में AAP ही AAP

सभी एग्जिट पोल में दिल्ली एमसीडी में आम आदमी पार्टी बड़े अंतर के साथ जीत दर्ज नजर करती आ रही है। इंडिया टुडे-एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार दिल्ली के 250 वॉर्ड में से आप को 149-171 सीटों का अनुमान लगाया गया है। वहीं बीजेपी 69-91 सीट, कांग्रेस को 3-7 सीटें मिलेंगी। अन्य को 5-9 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं टाइम्स नाउ नवभारत ईटीजी एग्जिट पोल के हिसाब से दिल्ली एमसीडी में आप को बहुमत मिलता दिख रहा है। आप को 146-156 सीटें, बीजेपी को 84-94 सीटें और कांग्रेस को 6-10 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। जी न्यूज BARC के एग्जिट पोल के मुताबिक MCD में आप की जोरदार बढ़त बनती दिख रही है। एग्जिट पोल के मुताबिक AAP को 134-146 सीटें मिलने का अनुमान है। BJP को 82-94 सीटें, कांग्रेस को 8-14 सीटें जबकि अन्य के खाते में 14-19 सीटें मिल सकती हैं।