FIFA World Cup 2022 : सेमीफाइनल मुकाबले में भिड़ेंगी क्रोएशिया और अर्जेंटीना, खिलाड़ियों ने तय की रणनीति

फीफा विश्व कप 2022 अब हर बीतते दिन के साथ अपने अंजाम की ओर पहुंचने लगा है। फीफा विश्व कप में अब सेमीफाइनल की दौड़ शुरू होने वाली है। पहला सेमीफाइनल का मुकाबला अर्जेंटीना और क्रोएशिया की टीम के बीच खेला जाएगा, जो 14 दिसंबर को होगा। इसके बाद 15 तारीख को फ्रांस और मोरक्को की टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए एक दूसरे से भिड़ेंगी। अर्जेंटीना की टीम से भिड़ने से पहले क्रोएशिया की टीम की खास तैयारियों में जुटी हुई है। इसके संबंध में क्रोएशिया की टीम के खिलाड़ी ने बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि मैच के दौरान वो मेसी को रोकने की कोशिश नहीं करेंगे। क्रोएशिया के फुटबॉलर ब्रूनो पेटकोविच ने कहा कि उन्हें लगता है कि मेसी को अकेले नहीं रोका जाना चाहिए। पेटकोविच ने कहा कि मेसी को रोकने के लिए हमने अभी तक कोई योजना नहीं बनाई है। आमतौर पर हम किसी एक व्यक्ति को ब्लॉक करने की कोशिश नहीं करते हैं। टीम की योजना है कि किसी एक खिलाड़ी पर फोकस करने की जगह एक पूरे ग्रुप को ही रोका जाना चाहिए और कई खिलाड़ियों पर अटैक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसलिए वो सिर्फ मेसी को ध्यान में रखकर कोई योजना नहीं बनाएंगे। पेटकोविच ने कहा सिर्फ मेसी को केंद्रित कर कुछ तय नहीं होगा।क्रोएशिया का कहना है कि अर्जेंटीना की टीम में मेसी के अलावा कुछ और अच्छे फुटबॉलर भी हैं। ऐसे में टीम के अहम और परफॉर्म कर रहे खिलाड़ियों को रोकना होगा। अगर हमारी टीम ने अर्जेंटीना की टीम पर ही प्रहार कर दिया तो एक अकेला खिलाड़ी मेसी पर काफी दबाव बनेगा। वहीं अगर टीम सिर्फ मेसी को ही ध्यान में रखेगी तो इसका परिणाम उलटा हो सकता है।अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले क्रोएशिया के किसी भी फुटबॉल खिलाड़ी को किसी भी कार्ड के कारण बाहर नहीं बैठना पड़ेगा। इस मैच में कोच ज्लात्को डालिक को पूरी टीम मिलेगी। क्रोएशिया के खिलाड़ी हमारी ताकत मिडफ़ील्ड है क्योंकि मेसी भी मिडफील्ड से ही खेल बनाते है। गौतरलबै है कि लुका मोड्रिक, मेटो कोवासिक और मार्सेलो ब्रोज़ोविक क्रोएशिया के इतिहास में तीन सर्वश्रेष्ठ मिडफ़ील्डर हैं। वहीं पेनल्टी गेम को लेकर उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी पेनल्टी गोल करता है तो उसे मानसिक तौर पर भी काफी मजबूत रहना पड़ता है। दरअसल पेनल्टी शूटआउट के दौरान खिलाड़ी पर काफी दबाव होता है, ऐसे में मानसिक मजबूती बहुत अहम होती है।