पिता के दोस्‍त ने पानी मांगा, फिर कैश के बारे पूछा… नोएडा में 14 साल की बच्ची के कत्ल की पूरी कहानी

ग्रेटर नोएडा: सुत्याना गांव के सरस्वती एन्क्लेव कॉलोनी में मंगलवार को डॉक्टर के घर में घुसकर उनकी 14 साल की बेटी की हत्या और लूटपाट की वारदात का पुलिस ने 12 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि डॉक्टर के एक दोस्त ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घर से लूटे गए साढ़े सात लाख रुपये और सोने चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। डीसीपी ने बताया कि मंगलवार रात पुलिस आरोपी को उसके घर से कोतवाली लेकर आ रही थी। रास्ते में आरोपी ने एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की तो पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया।डीसीपी सेंट्रल नोएडा अनिल कुमार यादव ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी प्रदीप विश्वास मेरठ के हस्तिनापुर का रहने वाला है। वर्तमान में नोएडा के गेझा गांव में परिवार के साथ रहता है। वह पेंटर का काम करता है। सुदर्शन बैरागी और आरोपी प्रदीप एक ही गांव के रहने वाले हैं। दोनों का एक दूसरे के घर आना-जाना है। पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी प्रदीप ने पैसे के लालच में मंगलवार को डॉक्टर सुदर्शन बैरागी के घर में घुसकर उनकी 14 साल की बेटी शिल्पी की गला घोंट कर हत्या की थी। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए आरोपी प्रदीप के घर से चावल के डिब्बे में रखे साढ़े सात लाख रुपये और सोने चांदी के जेवरात बरामद किए हैं।बाइक से वारदात करने पहुंचा था आरोपीपुलिस ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे डॉक्टर सुदर्शन बैरागी की पत्नी आरोपी प्रदीप को गेझा गांव में एक मोबाइल की दुकान पर मिली थीं। प्रदीप ने डॉक्टर की पत्नी से पूछा था कि घर पर कौन है। डॉक्टर की पत्नी ने कहा था कि उनकी बेटी घर पर अकेली है। इसके बाद आरोपी प्रदीप बाइक लेकर डॉक्टर के घर पहुंचा था। प्रदीप ने घर का दरवाजा खुलवाया और डॉक्टर की बेटी शिल्पी से पानी मांगा। शिल्पी ने आरोपी को पानी लाकर दिया। इसके बाद आरोपी ने शिल्पी से घर में रखे पैसों के बारे में पूछा। शिल्पी ने घर में पैसे रखे होने की जानकारी होने से इनकार किया था। इस बीच आरोपी खुद पैसे ढूंढने लगा। शिल्पी ने विरोध किया तो गला घोंट कर उसकी हत्या कर दी और घर में रखी नगदी और जेवरात लेकर फरार हो गया था।प्लॉट खरीदने के लिए वारदातपुलिस ने बताया कि संदेह होने पर आरोपी प्रदीप के घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई। फुटेज में प्रदीप घर से निकलते हुए दिखाई दिया। करीब दो घंटे बाद वह वापस लौटा। पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली। काफी खोजबीन के बाद चावल के डब्बे में कैश और जेवरात रखा बैग बरामद हुआ। डॉक्टर और उनकी पत्नी ने अपने जेवरात और घड़ी की पहचान की। इसके बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया। आरोपी प्रदीप काफी दिनों से प्लॉट खरीदने की बात कर रहा था, लेकिन उसके पास पैसों की दिक्कत थी। उसने इस हत्याकांड को अंजाम प्लॉट खरीदने की नियत से भी दिया है।