Explained: पार्टी, चुनाव चिन्ह और अब व्हिप भी… स्पीकर के फैसले से क्या उद्धव ठाकरे के लिए सबकुछ खत्म हो गया

मुंबई: महाराष्ट्र में जिस फैसले से राजनीतिक भूचाल आने की अटकलें लग रही थीं। वैसा कुछ नहीं हुआ। विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर जो खुद एक वकील भी हैं। उन्होंने शिवसेना के 16 विधायकों की अयोग्यता के फैसले में जहां मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बड़ी राहत मिली तो वहीं दूसरी ओर उद्धव ठाकरे को कोई सीधा नुकसान नहीं हुआ। नार्वेकर ने शिंदे के साथ पहली बार में गए 16 विधायकों को अयोग्य नहीं ठहराया, तो दूसरी तरफ से उन्होंने उद्धव गुट के विधायकों को लेकर भी कोई टिप्पणी नहीं की। नार्वेकर ने अपने फैसले को पार्टी के संविधान, नेतृत्व और बहुमत के तीन स्तंभों पर रखा। उन्होंने मोटे तौर पर एक संतुलित फैसले से तमाम उथल-पुथल को टाल दिया। खारिज की कुल 12 याचिकाएंमहाराष्ट्र राज्य विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने छह समूहों में 12 याचिकाएं खारिज कीं। उन्होंने न तो सीएम एकनाथ शिंदे समेत 16 शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराया और न ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले सेना विधायकों को अयोग्य ठहराया। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे द्वारा शिंदे को हटाने का कोई अधिकार नहीं है तो दूसरी तरफ कहा कि शिंदे गुट द्वारा जारी व्हिप में खामियां हैं। ऐसे में उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के विधायकों को अयोग्य ठहराने से इनकार कर दिया, इसके लिए उन्होंने कहा कि भरत गोगावले द्वारा जारी व्हिप में विसंगतियां थीं। उन्होंने कहा कि विधायकों को व्यक्तिगत रूप से व्हिप जारी नहीं किया गया था और किसी तीसरे व्यक्ति को व्हाट्सएप संदेश भेजकर व्हिप सर्वर को पार्टी नहीं कहा जा सकता। नहीं होगा कोई बदलाव स्पीकर के फैसले से न सरकार की सेहत पर कोई फर्क पड़ेगा न ही विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या पर, ऐसे में कह सकते हैं कि विधान अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के रेकॉर्ड को आधार बनाते हुए एक बीच का रास्ता निकाला और अयोग्यता के मामले को दोनों खेमों के ड्रा कर दिया। न शिंदे गुट के विधायकों की सदस्यता गई और न ही उद्धव गुट के विधायकों की सदस्यता पर प्रश्नचिन्ह लगा। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के बाद दलीय स्थिति कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर विधानसभा अध्यक्ष यह कह देते कि भरत गोगावले द्वारा जारी व्हिप उचित हैं तो निश्चित तौर पर उद्धव के साथ मौजूद विधायकों की मुश्किलें बढ़ सकती थीं। देखिए महाराष्ट्र विधानसभा में दलीय स्थिति? क्रम. सं.सत्ता पक्षविपक्ष1बीजेपी -104 कांग्रेस -442शिवसेना (शिंदे)-40शिवसेना (उद्धव)- 163एनसीपी (अजित)-41NCP (शरद) -12 4अन्य -18 अन्य- 11 कुल-203 कुल-83 अब आगे क्या करेंगे उद्धव? विधायकों की अयोग्यता के मामले को लेकर उद्धव ठाकरे विधानसभा अध्यक्ष के पास पहुंचे थे। स्पीकर ने उनकी मांग को खारिज किया है ऐसी स्थित में वह सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं, लेकिन स्पीकर के फैसले से शिवसेना के किसी विधायक की सदस्यता पर आंच नहीं आई है। ऐसे में जिसे महा सियासी संकट माना जा रहा था, फिलहाल महाराष्ट्र में वह टल गया है। उद्धव ठाकरे के लिए सुनील प्रभु को व्हिप के तौर खारिज किया जाना है झटका है तो वहीं शिंदे गुट के भरत गोगावले द्वारा जारी व्हिप को गलत बताना भी झटका है। ऐसे में व्हिप के मोर्चे पर दोनों गुटों का झटका लगा है।