चुनाव आयोग ने किस आधार पर अजित दादा को सौंपी NCP? फैसले के बाद क्या बोले नेता

मुंबई: केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) ने महाराष्ट्र में शिवसेना के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के झगड़े के विवाद पर अपना फैसला सुना दिया है। आयोग ने अजित पवार की अगुवाई वाले धड़े को असली एनसीपी माना है। आयोग के फैसले के बाद अब शरद पवार गुट को अपने खेमे का नया नाम चुनना होगा। मतलब नई पार्टी बनानी होगी। ऐसे में चाचा से भतीजे ने पार्टी की जंग जीत ली। आयोग के फैसले के दोनों पक्षों की तरफ से बयानबाजी शुरू हो गई है। कहां चाचा शरद पवार पर भारी पड़ गए भतीजे अजित पवार?

छह महीने तक चली सुनवाई चुनाव आयोग में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) किसकी है। इसको लेकर छह महीने से अधिक समय तक सुनवाई चली। चुनाव आयोग ने 10 सुनवाई के बाद एनसीपी विवाद को निपटारा किया। आयोग ने 141 पेज के अपने फैसले में कहा है कि उसने इस विवाद का हल करने के लिए तीन कसौटी पर जांच की गई। इसमें इसमें ‘पार्टी संविधान के लक्ष्य और उद्देश्यों का परीक्षण’, ‘पार्टी संविधान का परीक्षण’ और ‘बहुमत का परीक्षण’ शामिल रहे।

चुनाव आयोग ने कहा कि इस पूरे विवाद में यह तर्क नहीं दिया गया कि कोई (एक-दूसरे के बारे में) पक्ष पार्टी के संविधान के लक्ष्यों और उद्देश्यों का पालन करते हैं और दूसरा इसका उल्लंघन कर रहा है। ऐसे में ‘पार्टी संविधान के परीक्षण’ के मोर्चे पर चुनाव दोनों गुटों के बीच पार्टी संविधान पर कोई विवाद नहीं था, लेकिन वे इसका पालन नहीं कर रहे थे। इसके आधार पर कोई फैसला नहीं हो लिया जा सका। बहुमत को मोर्चे पर हुआ फैसला आखिर में पोल बॉडी ने विवाद का फैसला करने के लिए ‘बहुमत परीक्षण’ पर भरोसा करने का फैसला किया।

पार्टी के संगठन को जांच गया तो सामने आया कि साल 2022 में हुए विवादित संगठनात्मक चुनावों के मद्देनजर एनसीपी के ‘सर्वोच्च प्रतिनिधि निकाय’, यानी कार्य समिति और राष्ट्रीय समिति का गठन में सबकुछ ठीक नहीं मिला। यहां आयोग को उचित दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद आयोग ने दोनों गुटों की तरफ से दिए गए समर्थन वाले हलफनामों की जांच की। यह पर निष्कर्ष निकला कि अजित की अगुवाई वाले समूह को विधायकों को बहुमत प्राप्त है।

अजित पवार ने जताई खुशी इसके बाद आयोग ने अजित अनंतराव पवार की अगुवाई वाले गुट को पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल की मंजूरी देने का फैसला किया। एनसीपी को चुनाव चिन्ह घड़ी है। आयोग के फैसले के बाद अब अजित खेमा को असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी माना जाएगा। वर्तमान में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पवार ने कहा कि विनम्रतापूर्वक आयोग के फैसले का स्वागत करता हूं।

पाटिल बोले-फैसला चौंकाने वाला आयोग के फैसले पर शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने चुनाव आयोग के आदेश को ‘चौंकाने वाला’ बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय शरद पवार के हाथों से पार्टी छीनी जा रही है। देश की लगभग सभी संवैधानिक संस्थाएं अपनी स्वायत्तता खो चुकी हैं। स्पष्ट है कि तर्कहीन निर्णय देकर तकनीकी कारण सामने रखे गए हैं। हम इस परिणाम का विस्तार से अध्ययन करेंगे और उस पर टिप्पणी करेंगे। हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे और हमें यकीन है कि देश का सुप्रीम कोर्ट हमें न्याय देगा।

आयोग के फैसले पर शरद गुट के नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि इस आश्चर्यजनक निर्णय की उम्मीद थी।उन्होंने कहा कि हम जानते थे कि यह उसी दिन आ रहा था जब हमारा चुनाव चिन्ह जब्त कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह संस्थानों को अपनी मर्जी के मुताबिक झुकाने और उन्हें अपनी बात मनवाने की योजना है। अगले कुछ दिनों में हम देखेंगे कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष भी अजीत पवार के पक्ष में फैसला देंगे।