Exclusive: मैं किसी को खुश करने नहीं बैठा हूं… विराट-रोहित के रिश्ते पर पहली बार खुलकर बोले रवि शास्त्री

ऑकलैंड: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री अपने बिंदास अंदाज के लिए जाने जाते है। रवि शास्त्री भारत के उन दिग्गज खिलाड़ियों में से हैं जो कमेंट्री बॉक्स में हो या बाहर बेबाकी से अपनी बात रखते हैं। भारतीय टीम के न्यूजीलैंड दौरे पर रवि शास्त्री बतौर कमेंटेट कमेंटेटर गए थे। यहीं उन्होंने हमारे संवाददाता विमल कुमार को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए।

सवाल: आप सोशल मीडिया में आप सक्रिय क्यों नहीं हो?जवाब: मेरे पास समय की कमी है, इसके लिए टाइम होना चाहिए और इसके लिए दिलचस्पी भी होनी चाहिए। अभी जब मेरी दिलचस्पी बढ़ेगी, थोड़ा और आइडिया आएगा तब मैं पार्टिसिपेट करूंगा। बाकी सोशल मीडिया में मेरी क्या-क्या चर्चा होती है, इसके बारे में मुझे कुछ नहीं पता।

सवाल: अपना मजाक बनने पर आप सीरीयस नहीं होते, बचपन से ही बिंदास हो?जवाब: बिल्कुल, हंसना है जीना है दूसरे लोगों को हंसाना है। हमारे पर मजाक कर रहे हैं तो उसका आनंद लें, खुद पर हंसो यह भी सीखना चाहिए, एक एटीट्यूड होता है। यह सीखता नहीं है कोई अनुभव के साथ आ जाता है। कई बार आपके बातों का गलत मतलब निकाल लिया जाता है, कि रवि शास्त्री बहुत कैजुअल है, कुछ भी बोल देते हैं। इससे आप परेशान नहीं होते? बिल्कुल नहीं, मैं यहां सबको खुश करने के लिए थोड़ी न बैठा हूं, आपको क्या रोज पेड़ा बांटना हैं क्या। जो बोलता है वह बोलता है उसको अच्छा लगा तो अच्छा लगा, उसको बुरा लगा तो मैं क्या करू, मेरा उद्देश्य तो नहीं था।

सवाल: आप 7 साल तक टीम इंडिया के कोच रहे, अब दोबारा कमेंट्री बॉक्स में आप लौटे हो, तो क्या यह बदलाव रहा है?जवाब: बिल्कुल, वह काफी तनावपूर्ण जॉब था, काफी जिम्मेदारी वाला जॉब था। भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अगर कोच बनते हो तो काफी अपेक्षा होता है और जिम्मेदारी भी होती है। लेकिन अब एक साल हो गया है, अब कमेंटरी कर रहा हूं। आपने भारतीय क्रिकेट टीम के हर दौर को देखा, कमेंटेटर, कोच, भारतीय टीम में मैनेजर सबकुछ बन गए। एक बायोपिक बची हुई है।

सवाल: क्या बॉलीवुड से बायोपिक का ऑफर आया?

जवाब: सब चीज का समय होता है, मैं यह नहीं बोलता कि नहीं हो सकता, बन सकता है उसमें क्या है, लेकिन अभी टाइम है। हर रोज एक नया चैप्टर आता है, हर रोज एक रील आता है। जब आप भारतीय क्रिकेट टीम के ड्रेसिंग रूम में थे, तब मैंने धोनी को देखा, कोहली को देखा, रोहित को देखा यह लोग आपकी काफी रिस्पेक्ट करते थे। खासकर जो भारतीय क्रिकेट टीम में जो नई पीड़ी आई 2004-05 वाली।

सवाल: टीम इंडिया की नई जनरेशन से कनेक्शन कैसे बना?जवाब: क्या फरक पड़ता है, जो व्यक्ति है उसको एक जैसा रहना चाहिए, बदलाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि जब आप ऐसे किसी से मिल रहे हो जो आपसे छोटा है तो आपको मिलन चाहिए जैसे आप है। मुझे तो बहुत मजा आया इस पीढ़ी के साथ काम करके। इन सात साल में तीन कप्तान थे, वहां पर सबके साथ काम करने का एक अलग अनुभव था और बहुत मजा भी आया और उन्होंने मुझे भी यंग रखा।

सवाल: रोहित शर्मा बनाम विराट कोहली की बहस चलती है इसके बारे में आप क्या सोचते हैं?जवाब: यह सब झूठ है, यह मीडिया के लिए टाइम पास है, उनके बीच सही तालमेल है अच्छी साझेदारी हो रही है। मीडिया सिर्फ खिचड़ी बना रही है, यह सब काफी सतही चीजें हैं मेरे पास ऐसी बातों के लिए समय नहीं है।