सबको भाया प्रभु राम का मोहक बाल रूप, रामलला की मूर्ति से जुड़े 10 रहस्य जानिए

नई दिल्ली: रामलला के बाल रूप वाली मोहक मूर्ति की फोटो वायरल है। इसमें रामलला की पूरी छवि स्पष्ट नजर आ रही है। यह तस्वीर मूर्ति के निर्माण के दौरान की है। जानकारी के अनुसार, वर्कशॉप में मूर्ति की फोटो खींची गई थी, जो अब वायरल हो चुकी है। हालांकि गुरुवार को जब रामलला को गर्भगृह में स्थापित किया गया उस वक्त उनकी प्रतिमा पर कपड़े की पट्टी लिपटी हुई थी और उनका चेहरा ढका हुआ था। 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान उनके चेहरे की पट्टी हटाई जाएगी। 51 इंच की रामलला की मूर्ति को बुधवार की रात मंदिर में लाया गया था। भगवान राम की मूर्ति को पूरे वैदिक मंत्रोचार के बीच गर्भ गृह में रखा गया। रामलला की मूर्ति के 10 रहस्य जानिए रामलला की यह मूर्ति कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाई है। इसकी खास बात यह है कि इसे एक ही पत्थर से बनाया गया है, यानी पत्‍थर में कोई भी दूसरा पत्‍थर नहीं जोड़ा गया है।इस मूर्ति का वजन करीब 200 किलोग्राम है। मूर्ति की ऊंचाई 4.24 फीट और चौड़ाई तीन फीट है। इस मूर्ति में भगवान श्रीराम को 5 साल के बाल स्वरूप को दर्शाया गया है।रामलला की सुंदर मूर्ति में विष्णु के 10 अवतार देखने को मिल रहे हैं। ये 10 अवतार हैं- मत्‍स्‍य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्‍ण, बुद्ध, कल्किरामलला की बाल रूप मूर्ति में एक ओर हनुमान तो दूसरी ओर गरुड़ नजर आ रहे हैं। यह मूर्ति की भव्यता को चार चांद लगा रहे हैं। रामलला की इस मूर्ति में मुकुट की साइड पर सूर्य भगवान, शंख, स्वस्तिक, चक्र और गदा नजर आ रहा है। मूर्ति में रामलला के बाएं हाथ को धनुष-बाण पकड़ने की मुद्रा में दिखाया गया है। हालांकि मूर्ति पर अभी धनुष-बाण नहीं लगाया गया है।काले पत्‍थर से बनी रामलला की मूर्ति में प्रभु श्रीराम की बेहद मनमोहक छवि नजर आ रही है, जो सबको आकर्षित कर रही है।श्यामल रंग के पत्थर से इस प्रतिमा का निर्माण हुआ है। श्याम शिला की आयु हजारों साल होती है, यह जल रोधी होती है।मूर्ति में पांच साल के बच्चे की कोमलता की झलक है। चंदन, रोली आदि लगाने से मूर्ति की चमक प्रभावित नहीं होगी।रामलला की 51 इंच लंबी मूर्ति दक्षिण भारतीय शैली की है। इस मूर्ति को खड़ी अवस्था में इसलिए रखा गया है, ताकि दूर से लोग इसे देख सकें। मूर्ति की आंखों पर पीला रंग का कपड़ा बंधा हैअयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्रतिमा को 22 जनवरी को होने वाले ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह से तीन दिन पहले शुक्रवार को अनावरण कर दिया गया। काले पत्थर से बनी इस प्रतिमा की आंख पर पीले रंग के कपड़ा बांधा गया है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पदाधिकारी शरद शर्मा ने बताया कि रामलला की प्रतिमा की आंखों पर पीला रंग का कपड़ा बंधा है और प्रतिमा को गुलाब के फूलों की माला पहनायी गई है। विश्व हिंदू परिषद ने रामलला की प्रतिमा की तस्वीर जारी की और यह प्रतिमा खड़ी मुद्रा में है। अयोध्या स्थित राममंदिर में आगामी 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले भगवान राम की नयी प्रतिमा बृहस्पतिवार अपराह्न में राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में रखी गई। मैसूरु के मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा बनाई गई 51 इंच की रामलला की प्रतिमा को पिछली रात मंदिर में लाया गया था। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मुख्य आचार्य अरुण दीक्षित ने बताया कि भगवान राम की प्रतिमा को अपराह्न में वैदिक मंत्रोचार के बीच गर्भगृह में रखा गया। उन्होंने कहा कि ‘प्रधान संकल्प’ ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा द्वारा किया गया।श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने क्या कहा? श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी एक पोस्ट में कहा, ‘अयोध्या में जन्मभूमि स्थित राम-मंदिर में आज दिन में 12:30 बजे के बाद राममूर्ति का प्रवेश हुआ। दोपहर 1:20 बजे यजमान द्वारा प्रधान संकल्प होने पर वेदमन्त्रों की ध्वनि से वातावरण मंगलमय हुआ। मूर्ति के जलाधिवास तक के कार्य बृहस्पतिवार को संपन्न हुए।’ ट्रस्ट ने पोस्ट में लिखा, ‘दिनांक 19 जनवरी शुक्रवार को प्रातः नौ बजे अरणिमन्थन से अग्नि प्रकट होगी। उसके पूर्व गणपति आदि स्थापित देवताओं का पूजन, द्वारपालों द्वारा सभी शाखाओं का वेदपारायण, देवप्रबोधन, औषधाधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास, कुण्डपूजन, पञ्चभूसंस्कार होगा।’पीएम मोदी होंगे ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिलप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को मंदिर में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह में शामिल होंगे, जिसके अगले दिन मंदिर जनता के लिए खोले जाने की उम्मीद है। मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह के अनुष्ठान पहले ही शुरू हो चुके हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से कहा था कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह दोपहर 12:20 बजे शुरू होगा और 22 जनवरी को दोपहर 1 बजे तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर में प्रतिष्ठा समारोह से पहले अनुष्ठान शुरू हो चुके हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शुक्रवार को कहा कि रामलला भव्य मंदिर में पधार चुके हैं और 22 जनवरी को प्रतिष्ठा समारोह के लिए पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।