नई फसल आ गई, फिर भी क्यों भाव खा रहा है लहसुन

नई दिल्ली: (Garlic) की नई फसल बाजार में आ गई है। आमतौर पर इसकी नई फसल बाजार में आने में के बाद भाव कम हो जाते हैं। लेकिन इस बार घटने का नाम नहीं ले रहा है। रंग में थोड़ा साफ हो और साइज में बड़ा हो तो मंडी में ही यह 480 रुपये किलो बिक रहा है। औसत साइज का लहसुन भी इस समय 100 रुपये पाव बिक रहा है। आपको पता है कि इसकी कीमत क्यों नहीं घट रही है? यदि नहीं जानते तो हम बता रहे हैं।महंगा होने की प्रमुख वजह कम बुवाईआपने गौर किया होगा तो हर साल जाड़े में लहसुन महंगा हो जाता है। इसकी वजह है कि जाड़े में लहसुन की डिमांड बढ़ जाती है। आप इस साल नहीं, पिछले साल का जाड़ा याद कीजिए। उस समय पूस-माघ के चिल्ला जाड़ा में भी रिटेल में लहसुन 20-30 रुपये किलो बिका था। किसानों को तो उसकी कीमत पांच से आठ रुपये किलो मिली थी। इस वजह से इस बार का रकबा घट गया। किसानों ने इसकी जगह कुछ और फसल की बुवाई की। किसान चाहे लहसुन की कम बुवाई करे, डिमांड तो वही रहेगी। इसलिए दाम चढ़ गए।बारिश से खराब हुई फसलगाजियाबाद में सहिबाबाद सब्जी मंडी के कारोबारी ओंकार मिश्रा बताते हैं कि इस बार लहसुन की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम है। इसलिए मंडी में नई फसल की आवक कम है। पुरानी फसल का स्टॉक चुक गया है। इसलिए इसकी कीमत में खूब उछाल दिख रहा है। उनका कहना है कि अभी कई राज्यों में बारिश हुई है। इस वजह से फसल तैयार होने में देरी हो रही है। उम्मीद है कि अगले मार्च तक भरपूर फसल तैयार हो जाएगी। तब तक दाम में भी गिरावट होगी।शादी-ब्याह के सीजन में बढ़ी डिमांडएक अन्य लहसुन कारोबारी बताते हैं कि पिछले 9 महीने से रोज इसके दामों में इजाफा हो रहा है। इस समय बाजार में किसानों के पास माल नहीं है व्यापारियों के पास माल है। वे अपनी मर्जी से इसे बेचते हैं। ऊपर से शादी-ब्याह का मौसम शुरू हो गया है। ऐसे में डिमांड बढ़ गई है। घर में तो लोग बिना लहसुन के भी सब्जी बना ले रहे हैं, लेकिन दावत में तो सब्जी मसालेदार बनेगी ही।कुछ लोग दवा के रूप में भी लेते हैं लहसुनआमतौर पर लोग लहसुन का इस्तेमाल मसाले के रूप में खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। बहुत से लोग इसका उपयोग दवा के रूप में भी करते हैं। दरअसल, यह सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने का काम करता है। इसके अंदर भरपूर मात्रा में फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम, फॉस्फोरस, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, जिंक, कॉपर, विटामिन B6, विटामिन E, विटामिन C, सोडियम आदि मौजूद होते हैं। वात रोग वाले तो लहसुन का खूब उपयोग करते हैं। अभी लहसुन की क्वालिटी भी ठीक नहीं हैइस समय बाजार में बड़े-बड़े लहसुन आ तो गए हैं, लेकिन वह सूख नहीं है। लहसुन की पोटी में पानी की मात्रा ज्यादा है। इसलिए इसका स्वाद भी वैसा नहीं हो पाया है, जैसा कि लहसुन का होता है। कारोबारी बताते हैं कि पानी के कारण लहसुन अभी बेस्वाद है। ऐसे में सब्जियों में नए लहसुन से वह स्वाद नहीं आ पा रहा जो पुराने से आता है। उनका कहना है कि लहसुन का पानी सूखने में एक महीने का समय लगेगा। तब तक इसकी आवक भी बढ़ जाएगी।