इंग्लैंड का सपना फिर चूर-चूर, कप्तान हैरी केन ही बने सबसे बड़े विलेन, फ्रांस ने मारा मैदान

कतर: फ्रांस ने फीफा वर्ल्ड कप 2022 के आखिरी क्वॉर्टर फाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराते हुए घर भेज दिया। इसके साथ ही उसने टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में एंट्री मार ली, जहां उसकी भिड़ंत मोरक्को से होगी। मोरक्को ने इस मैच से कुछ घंटे पहले ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल की टीम को हराया था। फ्रांस की जीत के हीरो रहे ओलिवर गिरौड का हेडर से लगाया गया गोल निर्णायक रहा, जबकि ऑरेलियन टचौमेनी ने टीम के लिए पहला गोल दागा था। इंग्लैंड के लिए इकलौता गोल कप्तान हैरी केन के नाम रहा, जबकि वह एक पेनल्टी चूक गए। उन्होंने नेमार और रोनाल्डो की तरह रोते हुए मैदान छोड़ा।

चार साल पहले फीफा वर्ल्ड कप में गिरौड एक भी गोल नहीं दाग सके थे। इसके बावजूद फ्रांस ने खिताब अपने नाम किया था। लेकिन कतर में अब उनके चार गोल हो गए हैं और वह अपने देश का रिकॉर्ड गोल स्कोरर बन गए हैं। फ्रांस अब 2002 में ब्राजील के बाद लगातार लगातार फाइनलिस्ट बनने से एक जीत दूर है और 1962 में ब्राजील और 1938 में इटली के बाद ट्रॉफी बरकरार रखने वाली तीसरी टीम बनने से दो जीत दूर है।

टीम मैनेजर डिडिएर डेसचैम्प्स, जिन्होंने 1998 में उनकी पहली विश्व कप जीत के लिए उनकी कप्तानी की थी और चार साल पहले उन्हें अपने दूसरे खिताब के लिए प्रशिक्षित किया है। उन्होंने मैच के बाद कहा- यह एक बड़ा मैच था। हमने शानदार इंग्लैंड टीम के साथ मैच खेली, जो तकनीकी और शारीरिक रूप से मजबूत है। खिलाड़ियों के लिए फिर से अंतिम चार में पहुंचना शानदार है। हम थोड़े भाग्यशाली रहे। हमने दो पेनाल्टी दे दी, लेकिन एक पर ही गोल लगा।

ऑरेलियन टचौमेनी ने दागा धांसू गोल
मैच में पहला गोल ऑरेलियन टचौमेनी के नाम रहा। टचौमेनी ने पहले हाफ के सिर्फ 17वें मिनट में जबरदस्त किक से गेंद गोल पोस्ट में दाग दिया। इसके साथ ही फ्रांस को 1-0 की बढ़त मिल गई। इसके बाद इंग्लैंड ने काफी हाथ पैर मारे, लेकिन उसे गोल करने में सफलता नहीं मिली और पहला हाफ इसी स्कोर पर खत्म हुआ।

केन की पेनल्टी गोल के बाद गिरौड का करिश्माई हेडर
दूसरे हाफ की शुरुआत में ही इंग्लैंड को पनल्टी मिली, जिसपर कप्तान हैरी केन ने गेंद जाल में उलझाते हुए टीम को बराबरी पर ला दिया। हालांकि, 78वें मिनट में डीके के अंदर अंग्रेज डिफेंस को भेदते हुए गिरौड ने हेडर से गोल दागा तो बढ़त 2-1 हो गई। इसके बाद इंग्लैंड को एक और पेनल्टी 84वें मिनट में मिली, लेकिन वह इसे गोल में नहीं बदल सके।