वेस्ट यूपी में हाथी बिगाड़ेगा कमल का खेल! ज्यादातर सीटों पर BJP के कोर वोटर से हैं BSP के प्रत्याशी

मेरठ: वेस्ट यूपी में सभी दलों के योद्धा लगभग मैदान में उतर गए हैं। अब जो सियासी तस्वीर सामने है, उसके मुताबिक इस बार बीएसपी की कैंडिडेट बीजेपी को परेशान कर सकते हैं। बीएसपी ने मुस्लिम बहुल चंद सीटों को छोड़कर अन्य ज्यादातर सीटों पर कैंडिडेट बीजेपी के कोर वोट बैंक वाले उतारे हैं। अगर ये कैंडिडेट अपनी जाति के वोट लेने में सफल होते हैं, तब बीजेपी के लिए खतरा साबित हो सकता है। इससे साफ है कि वेस्ट यूपी में जातिगत समीकरण ही चुनाव के परिणाम तय करेंगे।2014 में वेस्ट यूपी की सभी 14 सीटें बीजेपी जीती थी, लेकिन 2019 में सपा-बसपा-रालोद गठबंधन था। नए जातीय समीकरण के बल पर बिजनौर, नगीना, सहारनपुर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, अमरोहा सीटें गठबंधन ने जीती थीं, लेकिन इस बार सपा और बसपा में गठबंधन नहीं है। रालोद भाजपा के साथ है। वेस्ट यूपी में त्यागी, ठाकुर, ब्राह्मण, सैनी, प्रजापति, कश्यप, सेन आदि समाज को बीजेपी का कोर वोटर माना जाता रहा है। वेस्ट में जाटों की पार्टी रालोद को कहा जाता है, लेकिन बीजेपी के पक्ष में जाट समाज का बड़ा हिस्सा हमेशा मजबूती से खड़ा रहा है। मेरठ में जातीय समीकरणलोकसभा सीट के हिसाब से नजर डालें तो मेरठ से बीएसपी ने पहली बार किसी त्यागी को मैदान में उतारा है। वरना वह मुस्लिम को टिकट देती थी। देवव्रत त्यागी यहां बीएसपी के कैंडिडेट हैं। यहां पर त्यागी समाज को बीजेपी का कोर वोट माना जाता है। उधर, सपा ने पहले दलित भानु प्रताप सिंह को टिकट दिया था, लेकिन अब गुर्जर विधायक अतुल प्रधान को टिकट दे दिया है। ऐसे में अब बीजेपी को परेशानी हो सकती है। भाजपा से वैश्य उम्मीदवार रामायण में राम का किरदार निभाने वाले कलाकार अरुण गोविल को टिकट दिया है। बिजनौर में बीएसपी बिगाड़ रही बीजेपी का खेलबिजनौर से बीएसपी जाट चेहरे विजेंद्र सिंह उम्मीदवार बनाया है। जाट वोट रालोद और बीजेपी का कोर वोट माना जाता है। ऐसे में बीएसपी ने जाट, दलित समीकरण बनाने की भरपूर कोशिश की है। सपा ने भी यहां से अति पिछड़े सैनी समाज के दीपक सैनी को उतारा है। सैनी समाज भी बीजेपी का कोर वोट माना जाता है। 2019 में गुर्जर को बसपा ने उतारा था और पिछड़े दलित, मुस्लिम समीकरण से सीट जीत ली थी। इस बार भाजपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी चंदन चौहान मीरापुर से रालोद विधायक के साथ गुर्जर बिरादरी से आते हैं। उनके दादा चौ. नारायण सिंह यूपी के डिप्टी सीएम रहे और पिता संजय चौहान सांसद रहे हैं।कैराना पर बीएसपी ने उतारा ठाकुरकैराना में भी बीएसपी ने ठाकुर समाज के श्रीपाल राणा को टिकट दिया है, जबकि ठाकुर समाज को भी यहां बीजेपी को कोर वोट गिना जाता है। ऐसे में बीएसपी कैंडिडेट बीजेपी कैंडिडेट को नुकसान पहुंचने का डर है। इस सीट पर इंडिया गठबंधन ने हसन परिवार से इकरा हसन सपा-कांग्रेस की उम्मीदवार हैं। भाजपा ने गुर्जर समाज के मौजूदा सांसद प्रदीप चौधरी फिर को टिकट दिया है।