Eknath Shinde की शिवसेना ने Ram Mandir को लेकर खोला अपना खजाना, दान में दिए 11 करोड़ रुपये

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने शनिवार को अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए 11 करोड़ रुपये का दान दिया। पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें पार्टी सांसद श्रीकांत शिंदे, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत, पार्टी प्रवक्ता नरेश म्हस्के, आशीष कुलकर्णी और पार्टी सचिव भाऊ चौधरी शामिल थे, ने श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और 11 करोड़ रुपये का चेक सौंपा। उदय सामंत ने कहा कि महाराष्ट्र के सीएम और शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना की ओर से राम मंदिर के लिए 11 करोड़ रुपये दिए हैं। आज हम यहां चेक सौंपने आये हैं।  इसे भी पढ़ें: Prajatantra: मलंगगढ़ या हाजी मलंग की दरगाह! चुनाव से पहले CM शिंदे ने क्यों फेंका सदियों पुराना पासा?वहीं, चंपत राय ने कहा कि यह खुशी की बात है कि महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे महाराष्ट्र के लोगों की ओर से 11 करोड़ रुपये का चेक सौंपने यहां आए। राशि बैंक खाते में स्थानांतरित कर दी गई है। राम मंदिर का अभिषेक 22 जनवरी को होगा। इससे पहले मुंबई में एक स्वच्छता अभियान को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, ‘‘राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को किया जाएगा। मैं बृह्नमुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) आयुक्त से पूरे मुंबई शहर में दिवाली मनाने के लिए कहना चाहता हूं। मंदिरों और इमारतों पर सजावटी लाइट भी लगाई जाएं।’’  इसे भी पढ़ें: Maharashtra: लोकसभा चुनाव की तैयारी पर एकनाथ शिंदे की नजर, 6 जनवरी से शुरू करेंगे शिव संकल्प अभियानमुख्यमंत्री ने कहा कि राम मंदिर (शिवसेना संस्थापक) दिवंगत बालासाहेब ठाकरे और भगवान राम के भक्तों का एक सपना था। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी ने राम मंदिर निर्माण के सपने को हकीकत में बदल दिया। प्रधानमंत्री मोदी जो कहते हैं उसे पूर्ण करना सुनिश्चित करते हैं। सभी मोदी की गारंटी पर भरोसा करते हैं।’’ उन्होंने संवादाताओं के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के सभी हिस्सों में 22 जनवरी का दिन दिवाली की तरह मनाया जाना चाहिए। ये पूछे जाने पर कि क्या राम मंदिर के उद्घाटन का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, तो शिंदे ने कहा कि राम मंदिर लोगों की आस्था का विषय है, इसलिए यह राजनीतिक मुद्दा नहीं हो सकता। उन्होंने परोक्ष रूप से पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोग घर से काम करने के लिए जाने जाते हैं, वह स्थायी रूप से घर ही बैठेंगे।