लाचार हैं एकनाथ शिंदे, दिल्ली की कृपा से बने CM, उद्धव ठाकरे का मुख्यमंत्री पर हमला

मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के मौजूदा सीएम एकनाथ शिंदे पर जमकर निशाना साधा है। गुरुवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि एकनाथ शिंदे लाचार हैं, वह दिल्ली की कृपा से राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में ईडी सरकार है। कहने को तो एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री हैं लेकिन वह असल में काम किसी और के लिए ही कर रहे हैं। वो महाराष्ट्र के सीएम हैं कि नहीं यह समझ में ही नहीं आता है। कर्नाटक- महाराष्ट्र सीमा विवाद में शिंदे पर हमला बोलते हुए उद्धव ने कहा अगर उनसे कुछ पूछा जाए तो वह कहेंगे कि मैंने प्रधानमंत्री से इस बारे में बात की है। उन्होंने कहा है कि जो चालीस गांव उन्होंने मांगे हैं वो दीजिये, जब हम पाक अधिकृत कश्मीर जीतेंगे तो आपको सौ गांव देंगे।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री बीजेपी नेताओं की आज्ञा के बगैर एक कदम भी नहीं चलते हैं। उन्हें कुर्सी से चिपककर रहना है, वो लाचार हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज का यह महाराष्ट्र है और आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री है। दुख ये हैं कि मुख्यमंत्री को ऐसा लगता ही नहीं है। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर राज्यपाल द्वारा दिए गए विवादित बयान पर भी उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे दिल्ली की कृपा से मुख्यमंत्री बने हैं। ऐसे में वह दिल्ली वालों के खिलाफ कैसे बोलेंगे? क्या उनमें इतनी हिम्मत है कि वह अपनी कुर्सी का त्याग कर सकें? ठाकरे ने सवाल किया कि महाराष्ट्र का अपमान सहना क्या यह बालासाहेब ठाकरे का हिंदुत्व है?


उद्धव ठाकरे का राज्यपाल पर निशाना

उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश को स्वतंत्र हुए 75 साल बीत चुके हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में केंद्र सरकार अपनी मर्जी के मुताबिक राज्यपाल को नियुक्त करती है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ऐसे इंसान की क्या हैसियत और पात्रता होती है? ठाकरे ने यह भी कहा कि आखिर जिन लोगों को के लिए वृद्धाश्रम में भी जगह नहीं है। ऐसे लोगों को किसी राज्य का राज्यपाल क्यों नियुक्त किया जाता है। राज्यपाल को नियुक्त करने के लिए भी कुछ नियम बनाये जाने चाहिए। राज्यपाल किसी राज्य में राष्ट्रपति के दूत होते हैं।

सीएम के पास ज्योतिषी से मिलने का समय
महाराष्ट्र विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अंबादास दानवे ने एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के पास ज्योतिषी से मिलने का समय है लेकिन किसानों की समस्या सुनने के लिए उनके पास वक्त नहीं है। दानवे ने यह भी कहा कि फिलहाल महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर भी मुख्यमंत्री खामोश हैं। आखिर कब तक सीमा पर रहने वाले मराठी भाषी लोगों को परेशान रहना होगा? सीमा विवाद का यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। केंद्र तथा दोनों राज्यों में बीजेपी की सरकार है। बावजूद इसके इस समस्या का कोई हल नहीं निकल पा रहा है।